
हरिद्वार: दिव्यांग ई-रिक्शा चालक की नृशंस हत्या की गुत्थी सुलझाने के बाद पता लगा है कि ब्लाइंड मर्डर केस में दिव्यांग ई-रिक्शा चालक की गला दबाकर हत्या की गई थी। मामले में उत्तराखंड पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दूसरा आरोपी अभी फरार है।
मोबाइल फोन के लालच में किये गए ब्लाइंड मर्डर केस को पुलिस ने सुलझा लिया है। मोबाइल फोन लूटने के लिए आरोपियों ने गला दबाकर उसकी हत्या कर दी थी। एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि दूसरा फरार है। पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
मोबाइल छीना, फिर गला दबाया
पुलिस के अनुसार, मृतक रोज की तरह ई-रिक्शा चलाकर घर लौट रहा था। इसी दौरान दो युवकों ने उससे लिफ्ट ली और रास्ते में मौका देखकर उस पर हमला कर दिया। आरोपियों ने पहले मोबाइल छीना, विरोध करने पर गला दबाया और शव को सुनसान इलाके में छोड़कर फरार हो गए। शुरुआत में यह मामला पूरी तरह ब्लाइंड था, क्योंकि मौके पर कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं मिला।
स्मार्टफोन के लिए ले ली जान
जांच में सामने आया कि मृतक के पास एक महंगा स्मार्टफोन था, जिसे देखकर आरोपियों की नीयत खराब हो गई। लालच में आकर उन्होंने लूट की योजना बनाई और वारदात को अंजाम दिया। इसके बाद सबूत मिटाने की कोशिश की लेकिन तकनीकी जांच ने उनकी साजिश को बेनकाब कर दिया।
पुलिस ने कैसे सुलझाया मामला?
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष टीम गठित की। जांच में सीसीटीवी फुटेज की जांच, मोबाइल लोकेशन ट्रैक, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और आसपास के लोगों से पूछताछ की गई, बाद में सुरागों के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंची और एक को गिरफ्तार कर लिया।
एक दरिंदा गिरफ्तार, दूसरे की तलाश जारी
पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उसकी निशानदेही पर लूटा गया मोबाइल और वारदात में प्रयुक्त सामान भी बरामद कर लिया गया है। फरार आरोपी की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द गिरफ्तारी का दावा किया जा रहा है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या, लूट और आपराधिक साजिश से जुड़ी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
दिव्यांग की मौत से परिवार में मातम
मृतक दिव्यांग होने के बावजूद मेहनत कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहा था। उसकी मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है। परिजनों ने आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग की है। उम्मीद है कि जल्द सभी दोषियों को कानून के तहत सख्त सजा मिलेगी। यह मामला दिखाता है कि कैसे छोटी-सी लालच इंसान को अपराध की राह पर ले जाती है। पुलिस की तेज कार्रवाई से एक आरोपी सलाखों के पीछे पहुंच चुका है, जबकि दूसरे की तलाश जारी है।



