
रुद्रपुर। शहर के किच्छा रोड क्षेत्र में सर्विस सेंटर स्वामी और अस्पताल स्टाफ के बीच हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। मामले में दोनों पक्षों की ओर से कोतवाली पुलिस को तहरीर दी गई है, जिसके आधार पर पुलिस ने क्रॉस केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पहले पक्ष में श्वेता ने तहरीर देकर आरोप लगाया कि एएस सर्विस सेंटर के मालिक, उनके बच्चे आसिफ और भाई ने उनके अस्पताल स्टाफ और स्वामी सचिन, उनकी बहन संगीता व पत्नी के साथ मारपीट की। आरोप है कि हमलावर 10-12 लड़के थे जो लाठियों से लैस होकर आए थे। इस दौरान श्वेता और संगीता को चोटें आईं। तहरीर में यह भी आरोप लगाया गया कि अस्पताल की कर्मचारी रजनी के खिलाफ जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया गया और पूर्व में भी बच्चों के साथ बदसलूकी की गई थी। वहीं, दूसरे पक्ष की ओर से सुभाष कॉलोनी निवासी अब्दुल मजीद पुत्र करीम बख्श ने तहरीर देकर घटना का अलग विवरण पेश किया है। अब्दुल मजीद का कहना है कि उनकी किच्छा रोड पर गाड़ियों की रिपेयरिंग की दुकान है। आरोप है कि 28 फरवरी की रात करीब पौने दस बजे पड़ोसी सचिन मंडल ने उनके पुत्र आरिफ को फोन कर सूचना दी कि कुछ लड़के दुकान का ताला तोड़ रहे हैं। जब आरिफ वहां पहुंचा तो उसने देखा कि 7-8 अज्ञात लड़के पत्थरबाजी कर रहे थे और सचिन उन्हें गाड़ियों के शीशे तोड़ने के लिए उकसा रहा था। अब्दुल मजीद का आरोप है कि जब उनके बेटों आरिफ और आसिफ ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, तो हमलावरों ने गाली-गलौज करते हुए उन पर ईंट-पत्थरों, बीयर की बोतलों, सरियों और तलवारों से हमला कर दिया। इस हमले में आरिफ और आसिफ गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी के लिए रेफर किया, लेकिन वर्तमान में दोनों का उपचार रुद्रपुर के एक निजी अस्पताल में चल रहा है। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मुकदमा पंजीकृत कर लिया है और मामले की विस्तृत छानबीन की जा रही है।


