
रुद्रपुर -ऊधम सिंह नगर जनपद में दिव्यांगजनों की समस्याओं और अधिकारों को लेकर दिव्यांग सेवा संस्था (पंजीकृत) की ओर से मुख्यमंत्री उत्तराखंड शासन देहरादून एवं जिलाधिकारी ऊधम सिंह नगर को एक मांग पत्र सौंपा गया। संस्था के प्रतिनिधि मोहम्मद जीशान ने बताया कि जनपद के दिव्यांगजन लगातार बढ़ती महंगाई, सीमित संसाधनों और सरकारी योजनाओं के जमीनी स्तर पर सही क्रियान्वयन न होने के कारण गंभीर कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं।
मांग पत्र में बताया गया कि वर्तमान में दिव्यांगजनों को दी जा रही 1500 रुपये की मासिक पेंशन आज की महंगाई के दौर में अत्यंत अपर्याप्त है, जिससे दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति कर पाना मुश्किल हो गया है। संस्था ने मांग की है कि दिव्यांग पेंशन में यथोचित वृद्धि की जाए, जिससे दिव्यांगजन सम्मानपूर्वक जीवन यापन कर सकें।
इसके साथ ही दिव्यांगजनों के लिए राशन व्यवस्था को लेकर भी चिंता जताई गई। मांग पत्र में कहा गया है कि दिव्यांग व्यक्तियों को महंगे बाजार से राशन खरीदना पड़ता है, ऐसे में सस्ता गल्ला डिपो पर दिव्यांगजनों के लिए विशेष रियायती दरों पर आवश्यक खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जानी चाहिए। साथ ही पात्र दिव्यांगों को अन्त्योदय राशन कार्ड दिया जाना सुनिश्चित किया जाए।
संस्था ने उज्ज्वला योजना के तहत दिव्यांग परिवारों को गैस कनेक्शन उपलब्ध कराने की भी मांग रखी, ताकि उन्हें ईंधन की समस्या से राहत मिल सके। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत दिव्यांगजनों को आवास उपलब्ध कराने में बैंकों द्वारा लोन प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाने की आवश्यकता बताई गई, जिससे वास्तव में जरूरतमंद दिव्यांग अपने घर का सपना पूरा कर सकें।
मांग पत्र में दिव्यांगों को दी जाने वाली ई-रिक्शा एवं बैटरी चालित वाहनों की मरम्मत की गंभीर समस्या को भी उठाया गया। बताया गया कि वर्तमान में एलिम्को कानपुर द्वारा कभी-कभार कैंप लगाकर मरम्मत की जाती है, लेकिन जनपद में स्थायी रिपेयर सेंटर न होने के कारण ई-रिक्शा तीन से चार माह में खराब हो जाते हैं और दिव्यांगों की आजीविका पूरी तरह ठप हो जाती है।
दिव्यांग सेवा संस्था ने मुख्यमंत्री एवं जिलाधिकारी से मांग पत्र पर संवेदनशीलता के साथ विचार करते हुए शीघ्र सकारात्मक कार्यवाही की अपील की है, ताकि दिव्यांगजन भी समाज की मुख्यधारा में सम्मान और आत्मनिर्भरता के साथ जीवन जी सकें।



