
रुद्रपुर। अटरिया वैष्णो धर्म सभा (रजि.) द्वारा बसंत पंचमी के उपलक्ष में ध्वज यात्रा का आयोजन किया गया। यात्रा का शुभारंभ रम्पुरा अटरिया मंदिर से प्रारंभ होकर इंदिरा चौक, सब्जी मंडी, डीडी चौक, अटरिया मार्ग आवास विकास, शिव शक्ति विहार कॉलोनी के गेट से होते हुए ढोल नगाड़ों के साथ जगतपुरा में पहुंची यात्रा का नगर के लोगो ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया वही यात्रा में अघोरी, भगवान भोले शंकर व माँ संतोषी की सुंदर-सुंदर झांकियां भी निकाली गयी, वही यात्रा के दौरान तीन रथ भी शामिल हुये जिसमे अटरिया मन्दिर की महन्त माता पुष्पा देवी, दूसरे रथ में गणेश जी की छवि व तीसरे रथ में बजरंगबली हनुमान जी की छवि विराजमान थी।

वही, पवित्र ध्वज यात्रा और शोभा यात्रा का विधिवत शुभारंभ रम्पुरा स्थित मां अटरिया मंदिर में महापौर विकास शर्मा द्वारा किया गया। उन्होंने ध्वज का पूजन कर यात्रा को प्रस्थान कराया। अटरिया मंदिर की महंत श्रीमती पुष्पा देवी के सानिध्य में निकली इस यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। इस अवसर पर महापौर विकास शर्मा ने मां अटरिया देवी से समस्त क्षेत्रवासियों के सुख, समृद्धि और आरोग्य की मंगल कामना की। उन्होंने कहा बसंत पंचमी का यह पावन पर्व हमें प्रकृति के नवीन सृजन का संदेश देता है और मां अटरिया स्वयं प्रकृति स्वरूपा हैं, जिनकी असीम अनुकंपा इस नगर पर सदैव बनी रहती है। हर वर्ष बसंत पंचमी पर निकलने वाली यह भव्य ध्वज यात्रा मात्र एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह हमारी उस प्राचीन और गौरवशाली संस्कृति का जीवंत उदाहरण है, जो हमें अपनी जड़ों से जोड़े रखती है।

जानकारी देते हुये अटरिया वैष्णो धर्म सभा के सचिव/प्रबंधक अरविन्द शर्मा ने बताया कि हरवर्ष के भाती इस वर्ष भी बसन्त पचमी के दिन रम्पुरा अटरिया मन्दिर से ध्वज यात्रा निकाली गयी है जो जगतपुरा अटरिया मन्दिर तक पहुँची है आज से ही अटरिया मेले की तैयारियां शुरू कर दी जायेगी। इस अवसर पर पंकज गोड़, अमित शर्मा समेत शहर के सैकड़ो लोग यात्रा में शामिल हुये।
इस अवसर पर पार्षद गिरीश पाल, वीनू, पार्षद प्रतिनिधि चंद्रसेन कोली, पूर्व सभासद हरपाल सिंह, सौरभ गुप्ता, किशन सुखीजा, रोहित गुप्ता, पंकज गॉड, कमल, राकेश गुप्ता, मोहित कोहली, आनंद शर्मा, नाथूलाल गुप्ता, रवि गुप्ता सहित बड़ी संख्या में भक्तगण और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। मंदिर परिसर में प्रसाद वितरण के साथ ही धार्मिक भजनों की प्रस्तुति ने वातावरण को पूरी तरह आध्यात्मिक बना दिया।










