
रुद्रपुर: उत्तराखंड की राजनीति में उस समय जबरदस्त भूचाल आ गया, जब किच्छा विधायक तिलक राज बेहड ने प्रेस वार्ता में अपने ही पुत्र पर षड्यंत्र रचने का सनसनीखेज आरोप लगा दिया। मंच पर बोलते-बोलते विधायक की आंखों से आंसू छलक पड़े और उन्होंने समाज से सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली।
विधायक ने कहा कि उनके पुत्र ने अपने मित्र इंद्र के साथ मिलकर ऐसा षड्यंत्र रचा, जिसने रुद्रपुर ही नहीं बल्कि पूरे उधम सिंह नगर और उत्तराखंड को हिला कर रख दिया। उनका कहना था कि यह केवल एक आपराधिक साज़िश नहीं, बल्कि भरोसे और नैतिकता की खुली हत्या है।
कुछ दिन पहले तीन बाइक सवारों द्वारा रची गई जानलेवा हमले की साज़िश के बाद पुलिस के आला अधिकारी तुरंत एक्शन में आए। रुद्रपुर में कई युवाओं को हिरासत में लेकर सघन पूछताछ की गई। लगातार पूछताछ के बाद तीन युवकों की गिरफ्तारी हुई और परत-दर-परत ऐसा सच सामने आया, जिसकी पुष्टि अब खुद विधायक कर रहे हैं।
प्रेस वार्ता के दौरान भावुक विधायक ने कहा, “एक पिता होने के नाते यह मेरे जीवन का सबसे काला दिन है, लेकिन एक विधायक होने के नाते मैं सच से मुंह नहीं मोड़ सकता। कानून से बड़ा कोई नहीं है।”
अब यह मामला केवल अपराध नहीं, बल्कि कानून बनाम राजनीति की खुली जंग बन चुका है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या उधम सिंह नगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा पार्षद सौरभ बेहड और अन्य आरोपियों के खिलाफ बिना दबाव के सख्त कार्रवाई करेंगे, या फिर यह सनसनीखेज मामला सत्ता की दीवारों में दबा दिया जाएगा।
पूरा प्रदेश अब एक ही सवाल पूछ रहा है —
क्या कानून सच में सबके लिए बराबर है……?



