
लखनऊ से एक ऐसी खबर सामने आ रही है जिसे आप भी सुनकर दहश्त में आ जाएंगे। यहां विकास नगर(Vikas Nagar) में आवासीय इलाके से सटी झोपड़पट्टी में आग लग गई। जिससे 100 से अधिक सिलेंडरों में धमाके हो गए। जिससे आग और भी ज्यादा विकराल हो गई।
करीब 20-30 फीट ऊपर तक उठी लपटों से वहां रहने वाले लोग दहश्त में आ गए। तुरंत ही लोग अपने घरों से बाहर सड़कों पर आ गए। कुछ लोगों ने हिम्मत दिखाई और बस्ती से 50 से अधिक गैसे सिलेंडर निकालकर पीछे नाले में डालें। इस आग से करीब 10 किलोमीटर के दायरे में धुएं के गुबार नजर आए।
लखनऊ में बम की तरह उड़े 100 सिलेंडर
आग इतनी भयानक थी इस बात का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते है कि पूरा का पूरा आसमान ही लाल हो गया। शाम होने पर भी लपटें दूर-दूर तक दिख रही थी। घटों तक चीख पुकार मची हुई थी। जिसके बाद करीब रात दस बजे आग पर काबू पाया गया।
1200 झोपड़ियां जलकर राख
दरअसल मुंशीपुलिया से आगे सीतापुर बाईपास किनारे पर कई सारी झुग्गी झोपड़ियां आबाद थीं। यहां मजदूर व अन्य रोजगार करने वाले परिवार रहा करते थे। इस अवैध झुग्गी में 200 से अधिक परिवार रह रहे थे। बुधवार शाम करीब 4 बजे एक चिनगारी की वजह से पूरी बस्ती आग की चपेट में आ गई। इस आग में करीब 1200 झोपड़ियां जलकर राख हो गईं।
200 से ज्यादा परिवार रहते थे
पुलिस और फायर विभाग को सूचना मिलने तक आग काफी विकराल रूप ले चुकी थी। घरों में रखे रसोई गैस के सिलेंडर एक के बाद बम की तरह फटने लगे। जिससे लोग सहम गए। इस आग ने आसपास के गरों को भी चपेट में ले लिया। देर रात तक कोहराम जैसी स्थिति बनी रही।
बड़ी तबाही होने से बचा
आग इतनी भीषण थी कि इसपर काबू पाना आसान नहीं रहा। दमकल कर्मी की हिम्मत की वजह से आग पक्के मकानों तक नहीं गई। जिससे बड़ी तबाही होने से बच गई। राहत की बात ये है कि इतनी भीषण आग में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। लेकिन कई झुग्गियों में रखे सभी सामान जलकर ऱाख हो गए।
50 से ज्यादा मवेशी जले
इलाके के लोगों ने बताया कि करीब 50 मवेशी जल गए। रहमान ने बताया कि उनके चार बच्चे फंसे हैं। एक महिला ने के दो बच्चे अंदर फंसे हैं। लोग जब अंदर जाने की जिद कर रहे थे तो इस दौरान पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। तो लोग उग्र हो गए और पथराव करने लगे। जिससे लोगों और पुलिस समेत 8-10 लोग घायल हो गए


