चारधाम यात्रा-2026: सुरक्षा से यातायात तक चाक- चौबंद तैयारी, 7000 पुलिसकर्मी रहेंगे तैनात

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देहरादून। आगामी चारधाम यात्रा 2026 को लेकर उत्तराखंड में तैयारियां तेज हो गई हैं। यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए पुलिस मुख्यालय में उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता डीजीपी दीपम सेठ ने की। बैठक में सुरक्षा, यातायात, भीड़ नियंत्रण और आपदा प्रबंधन को लेकर विस्तृत रणनीति तैयार की गई।
इस बार यात्रा के दौरान करीब 7000 पुलिसकर्मियों की 24×7 तैनाती की जाएगी। पूरे यात्रा क्षेत्र को 16 सुपर जोन, 43 जोन और 149 सेक्टर में बांटा गया है, ताकि हर स्तर पर निगरानी और नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके। इसके अलावा 118 पार्किंग स्थलों की पहचान की गई है, जिससे ट्रैफिक जाम की समस्या को कम किया जा सके।
यात्रा मार्गों पर संभावित खतरों को ध्यान में रखते हुए 52 बॉटलनेक प्वाइंट, 109 भूस्खलन क्षेत्र, 274 दुर्घटना संभावित स्थल और 61 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं। इन स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल और चेतावनी व्यवस्था तैनात की जाएगी। साथ ही, 80 स्थानों पर आपदा प्रबंधन टीमें, 37 जगहों पर SDRF और 8 NDRF टीमें तैनात रहेंगी।
सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए हाई-टेक निगरानी प्रणाली लागू की गई है। धामों और यात्रा मार्गों पर 1200 से अधिक CCTV कैमरे लगाए जाएंगे, वहीं 15 ड्रोन के जरिए हवाई निगरानी भी की जाएगी। एकीकृत कंट्रोल रूम से पूरी यात्रा की 24 घंटे मॉनिटरिंग होगी।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 48 हॉल्टिंग प्वाइंट बनाए गए हैं और 57 टूरिस्ट पुलिस सहायता केंद्र स्थापित किए जाएंगे। ट्रैफिक और मौसम की जानकारी यात्रियों को ‘लाइव मोबाइल अलर्ट’ के जरिए दी जाएगी, जिससे वे सुरक्षित यात्रा कर सकें।
इसके अलावा, सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। फर्जी वेबसाइट्स और साइबर ठगी पर भी विशेष नजर रखी जाएगी।
प्रशासन का लक्ष्य है कि इस बार की चारधाम यात्रा न केवल आस्था का प्रतीक बने, बल्कि सुरक्षा और व्यवस्थाओं के लिहाज से भी एक मिसाल कायम करे।