जंगली हाथी के हमले में दो की मौत, क्षेत्र में दहशत

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लालकुआँ। तराई क्षेत्र में मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। इसी क्रम में लालकुआँ कोतवाली क्षेत्र के सांपकठानी खत्ते में मंगलवार देर रात जंगली हाथी के हमले में दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है।
जानकारी के अनुसार तराई केंद्रीय वन प्रभाग की टांडा रेंज अंतर्गत सांप कठानी खत्ते में देर रात एक जंगली हाथी ने दो लोगों को कुचल दिया, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मृतकों में एक की पहचान बांधो प्रजापति (75) निवासी झारखंड के रूप में हुई है, जो स्थानीय खेतों में चौकीदारी का कार्य करता था। दूसरे मृतक की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है, हालांकि उसे मानसिक रूप से विकृत बताया जा रहा है।
घटना की सूचना पर तराई केंद्रीय वन प्रभाग के प्रभागीय वन अधिकारी उमेश चन्द्र तिवारी, पुलिस क्षेत्राधिकारी अमित सैनी, उप प्रभागीय वन अधिकारी शशि देव, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक ब्रजमोहन सिंह राणा व वन क्षेत्राधिकारी रूपनारायण गौतम सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी।
प्रभागीय वन अधिकारी उमेश चन्द्र तिवारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया हाथी के हमले में दोनों की मौत हुई है। मौत के सटीक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि पीड़ित परिवारों को नियमानुसार सहायता प्रदान की जाएगी।
तहसीलदार ईश्वरी सिंह भीमा ने बताया कि घटना की रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजी जा रही है। मुआवजा वन विभाग द्वारा दिया जाएगा और शासन के निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद वन विभाग ने क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी है और ग्रामीणों को जंगल के आसपास अकेले न जाने की सलाह दी गई है। हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए टीमें अलर्ट मोड पर तैनात कर दी गई हैं।
वहीं, मृतकों के परिजनों ने प्रशासन से शीघ्र मुआवजा दिए जाने की मांग की है।