अटरिया माता मंदिर में चोरी के मामले का फरार आरोपी दबोचा

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रूद्रपुर। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति के निर्देशन में पंतनगर पुलिस ने प्रसिद्ध अटरिया माता मंदिर में हुई चोरी की घटना का पूर्ण खुलासा करते हुए फरार चल रहे दूसरे मुख्य अभियुक्त को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी की गई नकदी के साथ ही एक अवैध तमंचा और जिंदा कारतूस भी बरामद किया है। इस मामले में एक आरोपी को पुलिस पहले ही जेल भेज चुकी है। घटना का विवरण देते हुए पुलिस ने बताया कि 26 फरवरी 2026 को पंकज गौड़ निवासी रम्पुरा रुद्रपुर ने कोतवाली पंतनगर में सूचना दी थी कि अटरिया माता मंदिर में दो अज्ञात चोरों ने मंदिर के 6 दान पात्रें को तोड़कर उनमें रखी भारी धनराशि चोरी कर ली है। इस शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर जांच शुरू की थी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन और पुलिस अधीक्षक अपराध, पुलिस अधीक्षक रुद्रपुर तथा क्षेत्रधिकारी पंतनगर के पर्यवेक्षण में गठित पुलिस टीम ने मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों का गहनता से अवलोकन किया। फुटेज की जांच और वादी से पूछताछ के बाद दो संदिग्धों की पहचान की गई। सुरागरसी के आधार पर पुलिस ने पूर्व में 6 मार्च 2026 को पहले अभियुक्त राम किशन उर्फ किशन निवासी तीन पानी डैम ट्रांजिट कैंप को गिरफ्तार किया था। उसके कब्जे से 8108 रुपये नकद और घटना में प्रयुक्त भगवा रंग का कपड़ा बरामद हुआ था। इसके बाद से ही दूसरा आरोपी रोहित निवासी मछली बाजार ट्रांजिट कैंप फरार चल रहा था। 15 मार्च 2026 को मुखबिर से मिली सटीक सूचना पर पंतनगर पुलिस ने दबिश देकर रोहित को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी लेने पर अभियुक्त रोहित के पास से चोरी के 8010 रुपये नकद और एक भगवा रंग का कपड़ा बरामद हुआ जिस पर अलग अलग जगहों पर कुल 10 बार राम शब्द लिखा है। इसके अतिरिक्त पुलिस को उसके पास से 315 बोर का एक अवैध तमंचा और एक जिंदा कारतूस भी मिला है। अवैध हथियार की बरामदगी पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आयुध अधिनियम के तहत अलग से मुकदमा दर्ज किया है। अभियुक्त को न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। सफलता प्राप्त करने वाली टीम में थानाध्यक्ष नन्दन सिंह रावत, उप निरीक्षक सुरेन्द्र प्रताप सिंह, कांस्टेबल नितिन कुमार और हरी सिंह शामिल रहे।