अल्मोड़ा: आयुष्मान योजना के साथ अब वन विभाग देगा अतिरिक्त मुआवजा

खबरें शेयर करें

अल्मोड़ा। वन्यजीव हमलों में घायल लोगों के लिए राहत भरी खबर है। अब पीड़ितों को आयुष्मान योजना के तहत मुफ्त इलाज के साथ-साथ वन विभाग की मुआवजा योजना का भी लाभ मिल सकेगा। वन विभाग ने इस संबंध में नई नियमावली लागू कर दी है, जिससे पीड़ितों को दोहरी सहायता मिलेगी।

पहले की व्यवस्था में यदि कोई व्यक्ति वन्यजीव हमले के बाद आयुष्मान योजना से उपचार कराता था, तो उसे विभागीय मुआवजा नहीं मिल पाता था। लेकिन वर्ष 2025 में नियमों में संशोधन कर इस बाध्यता को समाप्त कर दिया गया है। अब पीड़ित एक साथ दोनों योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे, जिससे उनका आर्थिक बोझ काफी कम होगा।

नई व्यवस्था के तहत बाघ, तेंदुआ और भालू जैसे खतरनाक वन्यजीवों के हमले में घायल होने पर अस्पताल में भर्ती और उपचार का खर्च आयुष्मान योजना से कवर होगा। इसके अतिरिक्त वन विभाग मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर 15 हजार से लेकर 1 लाख रुपये तक का मुआवजा देगा।
यदि किसी व्यक्ति की हमले में मृत्यु हो जाती है, तो उसके परिजनों को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।

वन विभाग के अनुसार, बीते एक वर्ष में प्रदेश में वन्यजीव हमलों के मामलों में करीब 8 करोड़ रुपये का मुआवजा वितरित किया गया। इसमें लगभग 350 घायलों को 3 करोड़ रुपये और मृतकों के परिजनों को 5 करोड़ रुपये की सहायता दी गई।

“अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) डॉ. विवेक पांडेय ने बताया कि नई व्यवस्था से पीड़ितों को बेहतर राहत मिलेगी और मुआवजा प्रक्रिया को और तेज किया जा रहा है।”
वहीं, “प्रभागीय वनाधिकारी दीपक सिंह ने कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं।”