सगा भाई निकला ‘आस्तीन का सांप’! बड़े भाई को गोली मारकर हाईवे पर प्रदर्शन करने बैठा, 10 घंटे में वकील मर्डर केस का खुलासा

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देहरादून: राजधानी देहरादून में पटेल नगर कोतवाली क्षेत्र के भुड्डी गांव में 14 जून देर रात वकील सोहेल हारून की गोली मारकर हत्या की गई थी. इस हत्याकांड का पुलिस ने 10 घंटों के अंदर ही खुलासा कर दिया. हत्यारोपी कोई और नहीं, बल्कि वकील का 21 साल का छोटा भाई शाहिद ही निकला, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. देहरादून एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने पूरा मामले का खुलासा किया.
जानिए भाई ने क्यों की हत्या: पुलिस जांच में सामने आया कि बड़ा भाई अक्सर गलत आदतों और फिजूलखर्ची के कारण आरोपी को टोका करता था. आरोपी ने कुछ दिनों पहले भी पिता के खाते से चोरी-छिपे पैसे निकाले थे. इस वजह से भी दोनों भाइयों का झगड़ा हुआ था. इस दौरान बड़े भाई ने अपने छोटे भाई यानी आरोपी के साथ मारपीट भी थी. इसी घटना से नाराज होकर आरोपी ने बड़े भाई को रास्ते से हटाने की योजना बनाई थी और उसकी गोली मारकर हत्या भी कर दी थी.
पुलिस ने बताया कि आरोपी इतना शातिर है कि उसने सबका ध्यान भटकाने के लिए अपने भाई के शव को हाईवे पर रखकर प्रदर्शन किया, ताकि किसी का भी शक उस पर न जाए. हाईवे जाम करने वाले प्रदर्शनकारी के खिलाफ भी पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया गया है.
अब पूरा मामला जानिए: पुलिस के अनुसार 14 जून 2026 की रात को सूचना मिली कि भुड्डी गांव में एक युवक को घर में घुसकर गोली मार दी गई है. घायल युवक को परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया. मृतक की पहचान सोहेल हारून निवासी भुड्डीगांव में हुई, जो एक वकील भी थे.
घर पर अकेले थे दोनों भाई: पुलिस ने जब मामले की जांच पड़ताल शुरू की तो पता चला कि सोहेल हारून अपने माता-पिता और अन्य भाइयों के साथ घर में रहता था. 20-25 दिन पहले सोहेल हारून के माता-पिता हज पर गए थे.सोहेल हारून अपने छोटे भाई शाहिद के साथ घर अकेला था.
सुहान ने दी थी पुलिस का जानकारी: पुलिस को मामले की सूचना सुहान नाम के व्यक्ति ने दी थी. जब पुलिस ने सुहान से बात की तो उसने बताया कि उसके ताऊ के लड़का वसीम (जो ड्राइवर का काम करता है) ने उसे फोन बताया था कि सोहेल के घर के पास गाड़ी को बैक करते समय उसे गोली चलने की आवाज सुनाई दी थी. सूचना पर सुहान, सोहेल के घर गया.
छोटे भाई शाहिद ने सुहान को भी किया गुमराह: सुहान ने पुलिस को बताया कि जब वो सोहेल के घर पहुंचा तो सोहेल के छोटे भाई शाहिद ने बताया कि अज्ञात व्यक्ति ने घर में घुसकर सोहेल को गोली मार दी. इसके बाद दोनों सोहेल को पास के हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
पुलिस की गुमराह कर रहा था 21 साल का शाहिद: घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की. मृतक के परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ के दौरान मृतक के छोटे भाई 21 वर्षीय शाहिद हारून द्वारा लगातार अलग-अलग और संदिग्ध जानकारियां दी जा रही थीं. पुलिस ने जब घर और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की जांच की तो पता चला कि घटना के दौरान किसी बाहरी व्यक्ति के घर में प्रवेश करने के साक्ष्य नहीं मिले.
सीसीटीवी कैमरों में कोई भी संदिग्ध नहीं दिखा: जांच के दौरान पुलिस ने घर और उसके आसपास के सीसीटीवी कैमरे चेक किया तो मृतक के घर के कैमरे को चालू था, लेकिन उसमें से रिकॉर्डिंग को हटाया गया था. वहीं, आसपास के कैमरे की फुटेज देखकर पता चला कि घटना के दौरान कोई भी व्यक्ति घर के अंदर नहीं आया था.
बाथरूम में छिपाकर रखी गई देशी पिस्टल: पुलिस जब घर का निरीक्षण कर रही थी, तो उन्हें बाथरूम में छिपाकर रखी गई 32 बोर की एक देशी पिस्टल भी बरामद हुई. इसके बाद पुलिस के जांच की दिशा ही बदल गई. पुलिस ने शाहिद को हिरासत में लिया और सख्ती से पूछताछ की. पुलिस पूछताछ में शाहिद ने अपना जुर्म कबूल किया और बताया कि उसी ने अपने बड़े भाई की हत्या की है.
नशे की लत और पैसों के विवाद ने ली जान: पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह नशे का आदी है और अपने महंगे शौक पूरे करने के लिए परिवार और बड़े भाई से पैसे लेता था. उसकी गलत आदतों को लेकर बड़ा भाई सोहेल अक्सर उसे टोकता था. कुछ दिन पहले आरोपी ने अपने पिता के खाते से एटीएम के जरिए करीब 10 लाख रुपये निकालकर खर्च कर दिए थे, जिसको लेकर दोनों भाइयों के बीच विवाद हुआ था और सोहेल ने उसकी पिटाई भी की थी.
सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग कर दी थी बंद: मारपीट की घटना से नाराज शाहिद ने अपने भाई को रास्ते से हटाने की योजना बनाई. उसने घटना से दो दिन पहले घर के सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग बंद कर दी और मौका मिलते ही अपने पास रखी देशी पिस्टल से सोहेल को गोली मार दी.
पुलिस को गुमराह करने की कोशिश: हत्या के बाद आरोपी ने पुलिस को गुमराह करने के लिए अज्ञात व्यक्ति द्वारा घर में घुसकर गोली मारने की झूठी कहानी बनाई. इतना ही नहीं, उसने ग्रामीणों के साथ मिलकर मृतक के शव को देहरादून-पोंटा राष्ट्रीय राजमार्ग पर रखकर प्रदर्शन और जाम लगाने का भी प्रयास किया, ताकि जांच की दिशा बदल सके.
एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने बताया है कि इस संबंध में पुलिस ने जाम लगाने और कानून व्यवस्था बाधित करने के मामले में भी संबंधित लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है. आरोपी शाहिद को न्यायालय में पेश कर जेल भेजा गया है