किच्छा निकाय चुनाव से 2027 की सियासत तक गरमाया माहौल, संदीप अरोड़ा के साथ राजेश शुक्ला की राजनीतिक भूमिका पर टिकी नजर

खबरें शेयर करें

किच्छा। 22 सितंबर को होने वाले किच्छा और सिरौलीकलां नगर पालिका चुनाव को लेकर चुनावी सरगर्मियां तेज हैं। दोनों निकायों में मतदान 22 सितंबर को और मतगणना 24 सितंबर को होगी।

किच्छा में भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी संदीप अरोड़ा के चुनाव मैदान में होने के साथ पूर्व विधायक एवं भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राजेश शुक्ला की सक्रियता भी चर्चा का विषय बनी हुई है। शुक्ला लगातार भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में जनसंपर्क और चुनावी कार्यक्रमों में शामिल होकर मतदाताओं से भाजपा के पक्ष में मतदान की अपील कर रहे हैं।

निकाय चुनाव के बीच स्थानीय विकास और नागरिक सुविधाओं के साथ-साथ चुनावी सभाओं में धार्मिक मुद्दों को लेकर भी सियासी बहस तेज हुई है। विपक्ष की ओर से इन मुद्दों को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, जबकि भाजपा नेताओं का चुनावी अभियान अपने प्रत्याशी के समर्थन और पार्टी की नीतियों पर केंद्रित है।

किच्छा में नामांकन के बाद चुनावी समीकरणों में भी बदलाव देखने को मिला। भाजपा के बागी प्रत्याशी शैली फुटेला और लवी सहगल ने नामांकन वापस लेकर संदीप अरोड़ा के समर्थन का ऐलान किया, जबकि यूकेडी प्रत्याशी अनिल पांडे ने भी नामांकन वापस लिया। इसके बाद अध्यक्ष पद पर भाजपा के संदीप अरोड़ा, कांग्रेस के राजेश प्रताप सिंह तथा दो निर्दलीय प्रत्याशी मैदान में हैं।

वहीं, रुद्रपुर भाजपा के कई वरिष्ठ नेता भी किच्छा में चुनाव प्रचार में सक्रिय हैं। ऐसे में यह मुकाबला केवल नगर पालिका अध्यक्ष पद तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि राजनीतिक दलों के संगठनात्मक प्रभाव और स्थानीय नेतृत्व की सक्रियता के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है।

सिरौलीकलां में भी पहली बार नगर पालिका चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों ने पूरी ताकत झोंक रखी है। दोनों निकायों में मतदान से पहले प्रचार अभियान अंतिम चरण में पहुंच चुका है।

हालांकि निकाय चुनाव के नतीजों को सीधे 2027 विधानसभा चुनाव का परिणाम नहीं माना जा सकता, लेकिन 22 सितंबर के मतदान और 24 सितंबर के नतीजे किच्छा की स्थानीय राजनीतिक तस्वीर को लेकर महत्वपूर्ण संकेत जरूर देंगे। खासकर भाजपा के प्रदर्शन के साथ राजेश शुक्ला की चुनावी सक्रियता पर भी राजनीतिक नजरें टिकी हुई हैं।