
रुद्रप्रयाग: केदारनाथ धाम क्षेत्र में एक महिला यात्री घोड़े से गिरकर घायल हो गई. इसके अलावा एक अन्य यात्री को हार्ट अटैक आ गया. जिससे दोनों यात्रियों की हालत गंभीर हो गई. ऐसे में दोनों यात्रियों को प्राथमिक उपचार के बाद हेलीकॉप्टर के जरिए हायर सेंटर में रेफर किया गया, जिससे उनकी जान बचाई जा सकी.
घोड़े से गिरकर महिला यात्री हुई घायल: जानकारी के मुताबिक, मध्य प्रदेश की सुनीता (उम्र 59 वर्ष) बड़ी लिनचोली से घोड़े पर सवार होकर केदारनाथ धाम जा रही थीं. इसी दौरान वो असंतुलित होकर घोड़े से गिर गईं. किसी तरह धाम पहुंचने के बाद उनके बाएं घुटने और पैर में तेज दर्द शुरू हो गया, जिससे चलना-फिरना मुश्किल हो गया.
ऐसे में उन्हें तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र केदारनाथ में भर्ती कराया गया, जहां ऑर्थोपेडिक सर्जन ने प्राथमिक उपचार दिया. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्हें हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू कर जिला अस्पताल रुद्रप्रयाग भेजा गया. जहां महिला यात्री का उपचार चल रहा है.
राजस्थान के यात्री को आया हार्ट अटैक: वहीं, राजस्थान के कोटा निवासी दीवाकर शर्मा (उम्र 47 वर्ष) को अचानक तेज सीने में दर्द की शिकायत हुई. उन्हें तत्काल नारायणकोटी स्थित माधव अस्पताल लाया गया, जहां जांच में हार्ट अटैक की पुष्टि हुई. प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए हेलीकॉप्टर के माध्यम से एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया.
महाराष्ट्र की महिला यात्री का भी किया गया उपचार: इसके अलावा महाराष्ट्र के लातूर निवासी संगीता पाटिल (उम्र 65 वर्ष) को केदारनाथ धाम में अचानक सांस लेने में दिक्कत और छाती में जकड़न की समस्या हुई. उन्हें तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां उनका ऑक्सीजन स्तर काफी कम और ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ पाया गया.
डॉक्टरों ने तत्काल ऑक्सीजन और आवश्यक दवाएं देकर उपचार शुरू किया, जिससे उनकी स्थिति में तेजी से सुधार हुआ. उपचार के बाद उनका ऑक्सीजन स्तर सामान्य हो गया और वर्तमान में वे पूरी तरह स्वस्थ हैं. वहीं, जिला प्रशासन श्रद्धालुओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए लगातार त्वरित व प्रभावी कार्रवाई कर रहा है.
केदारनाथ धाम में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, बीडीएस टीम का सघन चेकिंग अभियान जारी: केदारनाथ धाम में देश-विदेश से काफी संख्या में श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शनों के लिए पहुंच रहे हैं. श्रद्धालुओं की इस बढ़ती भीड़ को देखते हुए जिला पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रहा है. यात्रा को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता बन गई है.
इसी कड़ी केदारनाथ धाम क्षेत्र में बम डिस्पोजल स्क्वायड (बीडीएस) टीम ने विशेष सघन चेकिंग अभियान चलाया. बीडीएस ने अत्याधुनिक उपकरणों की सहायता से मंदिर परिसर, यात्रियों के सामान, बैग, होटल-धर्मशालाओं और भीड़-भाड़ वाले स्थानों की गहन जांच की. संदिग्ध वस्तुओं की पहचान के लिए विशेष उपकरणों का इस्तेमाल किया, जिससे सुरक्षा व्यवस्था को और ज्यादा प्रभावी बनाया जा सके.
केदारनाथ यात्रा में अवैध डेरों पर कार्रवाई, हटाए गए 6 टेंट: केदारनाथ धाम में अवैध गतिविधियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा अभियान चलाया गया है. पैदल यात्रा मार्ग पर अनाधिकृत रूप से लगाए गए टेंट और डेरों पर कार्रवाई करते हुए 6 अवैध डेरे हटाए हैं. साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ चालान और लाइसेंस ब्लॉक करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है.
केदारनाथ यात्रा मार्ग पर स्थित थारू कैंप में 2, छोटी लिनचोली में 3 और अन्य स्थानों पर 1 समेत कुल 6 अनाधिकृत डेरों को तत्काल प्रभाव से हटाया गया है. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यात्रा मार्ग पर बिना अनुमति किसी भी प्रकार का टेंट या डेरा लगाना पूरी तरह से प्रतिबंधित है. नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.
केदारनाथ धाम में प्लास्टिक वेस्ट का वैज्ञानिक निस्तारण: केदारनाथ धाम में इस साल स्वच्छ, हरित एवं पर्यावरण के अनुकूल यात्रा को लेकर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं. विशेष रूप से प्लास्टिक एवं अन्य सूखे कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण के लिए नगर पंचायत केदारनाथ की ओर से अत्याधुनिक संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिल रही है.
ड्राई वेस्ट के प्रभावी प्रबंधन को लेकर बेलिंग मशीन का इस्तेमाल इस अभियान की प्रमुख विशेषता बनकर उभरा है. इस तकनीक के जरिए प्लास्टिक एवं अन्य सूखे कचरे को संपीड़ित कर ‘बेल्स’ के रूप में तैयार किया जा रहा है, जिससे कचरे के सुरक्षित भंडारण, परिवहन और पुनर्चक्रण की प्रक्रिया न केवल आसान हुई है, बल्कि ज्यादा संगठित और टिकाऊ भी बनी है.
“अब तक केदारनाथ में करीब 500 किलोग्राम सूखे कचरे को प्रोसेस कर बेल्स के रूप में तैयार किया जा चुका है. इन बेल्स के ब्रिकी से निकाय को लगभग 15 से 20 हजार रुपए की आय होने की संभावना है, जिससे स्वच्छता अभियान को आर्थिक संबल भी मिल रहा है.”- नीरज कुकरेती, अधिशासी अधिकारी, नगर पंचायत केदारनाथ
“कचरे के बेहतर प्रबंधन के लिए उसे विभिन्न श्रेणियों में विभाजित किया जा रहा है, जिसमें अब तक करीब 15 कैटेगरी निर्धारित की जा चुकी हैं. यह प्रणाली न केवल कचरे के प्रभावी निस्तारण को सुनिश्चित कर रही है, बल्कि पुनर्चक्रण की प्रक्रिया को भी ज्यादा व्यवस्थित और परिणामदायी बना रही है.”- नीरज कुकरेती, अधिशासी अधिकारी, नगर पंचायत केदारनाथ



