
रुद्रपुर। विदेश में नौकरी दिलाने और वर्क परमिट दिलाने के नाम पर कथित धोखाधड़ी करने वाले एक आरोपी को रुद्रपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के आवास विकास स्थित कार्यालय ‘जेड ग्लोबल’ से 61 पासपोर्ट, एक डायरी और .32 बोर का अवैध पिस्टल बरामद किया है। बरामद पासपोर्टों की संख्या सामने आने के बाद पुलिस अब इस पूरे मामले के संभावित नेटवर्क और अन्य पीड़ितों के संबंध में जांच कर रही है।
पुलिस के अनुसार, 29 अक्टूबर 2026 को वार्ड नंबर 21 निवासी मुजाहिद ने कोतवाली रुद्रपुर में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि प्रीत विहार निवासी अलीम खान ने आवास विकास स्थित अपने कार्यालय ‘जेड ग्लोबल’ के माध्यम से उसे दुबई में नौकरी दिलाने और वर्क परमिट पर विदेश भेजने का झांसा दिया था। इस भरोसे में आकर पीड़ित ने अपनी मोटरसाइकिल और जेवर बेचकर आरोपी को कुल दो लाख रुपये दिए।
आरोप है कि आरोपी ने उसे वर्क परमिट के बजाय विजिटर वीजा पर दुबई भेज दिया। इतना ही नहीं, वीजा को एडिट कर वर्क वीजा जैसा दिखाया गया। दुबई पहुंचने पर पीड़ित को वीजा की वास्तविक स्थिति का पता चला, जिसके चलते उसे वहां परेशानियों का सामना करना पड़ा और जुर्माना भी भरना पड़ा। किसी तरह भारत लौटने के बाद जब उसने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपी ने अलग-अलग तारीखों में केवल 30 हजार रुपये लौटाए और शेष एक लाख 70 हजार रुपये देने से इनकार कर दिया। पीड़ित ने जान से मारने की धमकी देने का आरोप भी लगाया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी अजय गणपति के निर्देशन में पुलिस ने विवेचना तेज की। उपनिरीक्षक धीरज टम्टा के नेतृत्व में गठित टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी अलीम खान (29) पुत्र जमील अहमद, निवासी वार्ड नंबर 25, प्रीत विहार, रुद्रपुर को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस की कार्रवाई के दौरान आरोपी के कब्जे से 61 पासपोर्ट, एक डायरी और .32 बोर का अवैध पिस्टल बरामद हुआ। इसके अलावा होंडा एक्टिवा स्कूटी संख्या UK06BG3430 को भी सीज किया गया है।
बरामदगी और विवेचना में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने मुकदमे में आर्म्स एक्ट की धारा 3/25 तथा इमिग्रेशन एक्ट की धारा 10/24 की बढ़ोतरी की है। पुलिस अब बरामद पासपोर्टों और डायरी में दर्ज विवरणों की जांच कर रही है, ताकि विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर कथित धोखाधड़ी के शिकार अन्य लोगों का पता लगाया जा सके।
पुलिस का कहना है कि मामले में विस्तृत विवेचना जारी है और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस टीम में उपनिरीक्षक धीरज टम्टा, उपनिरीक्षक नरेश पंत, हेड कांस्टेबल राजकुमार और कांस्टेबल महेंद्र कुमार शामिल रहे।


