
रुद्रपुर। बाजपुर और गदरपुर क्षेत्र में अतिवृष्टि, ओलावृष्टि और आंधी-तूफान से किसानों की फसलों को हुए भारी नुकसान के बाद जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। गुरुवार को जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर फसल क्षति का सटीक आकलन करने और प्रभावित किसानों को जल्द राहत एवं मुआवजा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
ड्रोन सर्वे से होगा फसल नुकसान का आकलन
जिलाधिकारी ने कृषि, उद्यान, गन्ना एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीमों को प्रभावित क्षेत्रों में फसलों को हुए नुकसान का तत्काल आकलन पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आकलन रिपोर्ट जल्द शासन को भेजी जाए, ताकि पात्र किसानों को बिना देरी राहत एवं मुआवजा राशि उपलब्ध कराई जा सके। आंशिक और पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त फसलों के नुकसान का सटीक आकलन करने के लिए ड्रोन सर्वे की मदद लेने के भी निर्देश दिए गए।
पारदर्शिता के साथ किसानों तक पहुंचेगा मुआवजा
डीएम ने स्पष्ट किया कि फसल क्षति के आकलन और मुआवजा वितरण की प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता बरती जाए। प्रत्येक पात्र किसान तक सरकारी सहायता पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की गई।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्राकृतिक आपदा की इस घड़ी में जिला प्रशासन प्रभावित किसानों के साथ मजबूती से खड़ा है। किसानों को जल्द से जल्द राहत पहुंचाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी, अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय, उप जिलाधिकारी ऋचा सिंह, डॉ. अमृता शर्मा, मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. वीके यादव, मुख्य उद्यान अधिकारी एसके शर्मा, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आशुतोष जोशी, सहायक निदेशक मत्स्य संजय छिमवाल, सहायक आयुक्त गन्ना शैलेंद्र सिंह, एआर कोऑपरेटिव हरीश चंद्र खंडूड़ी, एलडीएम कमल कुमार और जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी उमाशंकर नेगी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।


