भारत-नेपाल सीमा प्रबंधन को लेकर मैत्री सम्मेलन, अतिक्रमण हटाने और क्षतिग्रस्त पिलरों के पुनर्स्थापन पर बनी सहमति

खबरें शेयर करें

खटीमा/बनबसा। भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में बेहतर समन्वय, सुरक्षा और सीमा संबंधी समस्याओं के समाधान के उद्देश्य से दोनों देशों के अधिकारियों के बीच एक महत्वपूर्ण मैत्री सम्मेलन आयोजित किया गया। नेपाल स्थित एक होटल में आयोजित बैठक में भारत और नेपाल के सीमावर्ती जिलों के प्रशासनिक एवं सुरक्षा अधिकारियों ने भाग लिया।

सम्मेलन के दौरान भारत-नेपाल सीमा पर स्थित नो-मैन्स लैंड में अतिक्रमण, क्षतिग्रस्त सीमा पिलरों के पुनर्स्थापन तथा सीमा प्रबंधन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई। अधिकारियों ने सीमा क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और आपसी सहयोग को और अधिक मजबूत बनाने पर जोर दिया।

बैठक में सीमा सुरक्षा बल (एसएसबी), सर्वे विभाग की टीमों सहित दोनों देशों के प्रशासनिक एवं सुरक्षा अधिकारियों की मौजूदगी रही। इस दौरान संयुक्त सर्वेक्षण कर क्षतिग्रस्त सीमा पिलरों की पहचान करने तथा नो-मैन्स लैंड पर हुए अतिक्रमण को हटाने के लिए समन्वित कार्रवाई पर सहमति बनी।

जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने कहा कि भारत और नेपाल के अधिकारियों के बीच सीमा संबंधी मुद्दों पर नियमित संवाद और समन्वय अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि दोनों देशों की टीमें जल्द ही संयुक्त कार्रवाई करते हुए क्षतिग्रस्त पिलरों के पुनर्स्थापन और अतिक्रमण हटाने का कार्य शुरू करेंगी।

नेपाल प्रशासन के अधिकारियों ने भी सीमा प्रबंधन को लेकर पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया और कहा कि आपसी समन्वय के माध्यम से सीमा क्षेत्र की समस्याओं का प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।

बैठक में सीमा क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने तथा सीमावर्ती नागरिकों की सुविधाओं से जुड़े विषयों पर भी गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों ने सीमा क्षेत्रों में सहयोग और समन्वय को और सुदृढ़ करने पर सहमति व्यक्त की।