चर्चित दरोगा कुन्दन सिंह रौतेला की गोपनीय ACR बाहर कैसे आई? किसान आत्महत्या कांड के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप, STF करेगी जांच

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काशीपुर:किसान सुखवंत सिंह आत्महत्या प्रकरण में निलंबित किए गए आईटीआई थाना के पूर्व एसओ कुंदन सिंह रौतेला एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह बेहद संवेदनशील और गंभीर है। सवाल यह नहीं कि रौतेला पर कार्रवाई क्यों हुई, बल्कि अब बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है कि उनकी बेहद गोपनीय वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (ACR) आखिर सोशल मीडिया तक कैसे पहुंची?

जानकारी के मुताबिक, बागेश्वर में तैनाती के दौरान तत्कालीन पुलिस अधीक्षक अक्षय कोंडे ने एसआई कुंदन सिंह रौतेला की कार्यशैली पर गंभीर आपत्ति जताते हुए उनकी ACR में प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज की थी। इतना ही नहीं, करीब एक साल पहले ही उन्हें जिले से बाहर तैनात करने की संस्तुति भी की गई थी।अब यही ACR बाहर आ गई है, जिससे पुलिस विभाग की आंतरिक गोपनीयता पर ही सवाल खड़े हो गए हैं। मामला सामने आने के बाद पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने इसे अत्यंत गंभीर करार देते हुए साफ कहा कि ACR पूरी तरह गोपनीय दस्तावेज होती है, जिसका एक्सेस केवल अधिकृत अधिकारियों तक सीमित होता है। इसके बावजूद इसका सार्वजनिक होना, सिस्टम में बड़ी सेंध का संकेत है।

डीजीपी के निर्देश पर एसटीएफ एसएसपी नवनीत भुल्लर ने पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दे दिए हैं। अब एसटीएफ कुमाऊं यूनिट यह पता लगाएगी कि चर्चित दरोगा की गोपनीय ACR किस माध्यम से बाहर आई, किसने इसे लीक किया और इसके पीछे क्या मंशा थी।कुल मिलाकर, किसान आत्महत्या कांड से शुरू हुआ मामला अब पुलिस विभाग के भीतर गोपनीय दस्तावेजों की सुरक्षा तक पहुंच गया है।

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