
– नये विकास कार्यों से बदलेगी शहर की सूरतः महापौर
– सड़कों से धार्मिक स्थलों और पार्कों तक होंगे निर्माण कार्य
रुद्रपुर। शहर के विकास कार्यों को गति देने के लिए नगर निगम ने एक बार फिर अपना खजाना खोल दिया है। 11.50 करोड़ रुपये की लागत से 76 विकास कार्यों के लिए नगर निगम ने टेंडर जारी कर दिये हैं। इन कार्यों के माध्यम से शहर के विभिन्न वार्डों में सड़क, नाली और पुलिया निर्माण के साथ धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण, पार्कों के जीर्णाेद्धार, सामुदायिक भवनों के निर्माण, सार्वजनिक स्थलों के विकास और अतिक्रमण से मुक्त कराई गई जमीनों को सुरक्षित करने जैसे कार्य कराए जाएंगे। महापौर ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सहयोग और आशीर्वाद से रुद्रपुर में विकास कार्यों को लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है। नये विकास कार्यों से रूद्रपुर शहर की सूरत बदल जायेगी।
अपने कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में महापौर ने कहा कि नगर निगम की ओर से विकास कार्यों को चरणबद्ध तरीके से धरातल पर उतारा जा रहा है। पहले चरण में साढ़े पांच करोड़ रुपये की लागत से 56 कार्यों के टेंडर जारी किए गए थे। दूसरी बोर्ड बैठक के बाद लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत से 72 कार्यों की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। इसके अलावा 10 करोड़ रुपये की लागत से हॉटमिक्स सड़कों के निर्माण के टेंडर भी किए जा चुके हैं। अब तीसरे चरण में 11.50 करोड़ रुपये के 76 कार्यों के टेंडर जारी किए गए हैं। उन्होंने बताया कि बारिश के कारण कई निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाए थे, लेकिन मौसम अनुकूल होते ही उन्हें तेजी से पूरा कराया जाएगा।
महापौर ने बताया कि शहर में लंबे समय से प्रस्तावित कई महत्वपूर्ण कार्यों को भी इस चरण में शामिल किया गया है। मुख्य बाजार स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर पार्क के सौंदर्यीकरण के लिए 24.55 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। वहीं, धार्मिक स्थलों को बेहतर स्वरूप देने के अभियान के तहत बसंती माता मंदिर में पत्थर लगाने का कार्य नौ लाख रुपये की लागत से कराया जाएगा। काशीपुर बाईपास स्थित श्री गुरुद्वारा अमृतसागर डेरा भजनगढ़ के पास 12.16 लाख रुपये की लागत से भव्य प्रवेश द्वार का निर्माण कराया जाएगा। इससे क्षेत्र की धार्मिक पहचान को बेहतर स्वरूप देने के साथ श्रद्धालुओं को भी सुविधा मिलेगी।
गंगापुर रोड स्थित गोल्ज्यू मंदिर और नीलकंठ धाम के पास दो सामुदायिक भवनों का निर्माण कराया जाएगा। इनके लिए क्रमशः 20.80 लाख और 23.42 लाख रुपये के टेंडर जारी किए गए हैं। इन भवनों से धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों के लिए स्थानीय लोगों को सुविधाजनक स्थान उपलब्ध हो सकेगा। महापौर ने बताया कि जरूरतमंद विद्यार्थियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए दूधिया बाबा छात्रावास में 22.78 लाख रुपये की लागत से टाइल लगाने का कार्य भी कराया जाएगा। नगर निगम का प्रयास है कि शहर के सार्वजनिक स्थलों और सामुदायिक सुविधाओं का विकास केवल मुख्य बाजार तक सीमित न रहे, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों के लोगों को भी इसका लाभ मिले।
शहर के विभिन्न वार्डों में सामुदायिक सुविधाओं को बढ़ाने के लिए भी कई कार्य प्रस्तावित किए गए हैं। वार्ड नंबर 30 की इंदिरा कॉलोनी स्थित रामलीला मैदान में 23.84 लाख रुपये की लागत से सामुदायिक भवन का निर्माण कराया जाएगा। वार्ड नंबर 16 के देव होम्स एलीट में 9.50 लाख रुपये से सामुदायिक भवन बनाया जाएगा।
वार्ड नंबर 16 के बगवाड़ा स्थित नंद विहार में पार्क की चारदीवारी के निर्माण और जोनल कार्यालय के निर्माण के लिए 24.38 लाख रुपये का टेंडर जारी किया गया है। इससे पार्क की सुरक्षा के साथ क्षेत्र में नगर निगम की स्थानीय व्यवस्थाओं को भी सुविधा मिलेगी। वार्ड नंबर 38 के आवास विकास में शहीद-ए-आजम भगत सिंह पार्क के जीर्णाेद्धार पर 20.66 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। पार्क के विकास से क्षेत्रवासियों को बेहतर सार्वजनिक स्थल उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
महापौर ने रेनबो स्कूल वाली सड़क को शहर की खराब सड़कों में शामिल करते हुए बताया कि इसका निर्माण लंबे समय से लंबित था। इस सड़क के निर्माण में जल निकासी की समस्या सबसे बड़ी बाधा है। यदि पहले नाले और पुलिया की व्यवस्था किए बिना सड़क बना दी जाती है, तो पानी भरने के कारण सड़क के दोबारा खराब होने की आशंका बनी रहेगी। इसी को ध्यान में रखते हुए पहले सड़क के एक ओर 9.35 लाख रुपये की लागत से नाले और पुलिया का निर्माण कराया जाएगा। जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के बाद सड़क का निर्माण कराया जाएगा, ताकि सड़क टिकाऊ बने और लोगों को बार-बार परेशानी का सामना न करना पड़े। महापौर ने कहा कि नगर निगम का प्रयास केवल सड़क बनाकर काम पूरा करना नहीं, बल्कि निर्माण की गुणवत्ता और उसकी उपयोगिता सुनिश्चित करना भी है। इसी सोच के तहत संबंधित कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।
पुलिस लाइन क्षेत्र के विकास को लेकर भी नगर निगम ने कदम उठाया है। महापौर ने बताया कि एसएसपी अजय गणपति के आग्रह पर पुलिस लाइन की मुख्य सड़क के दोनों ओर टाइलें लगाने और सुंदर लाइटें लगाने के लिए 24.83 लाख रुपये का टेंडर जारी किया गया है। इससे सड़क के किनारे का स्वरूप बेहतर होगा और क्षेत्र में प्रकाश व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। लंबाखेड़ा स्थित गौशाला के पास मृत पशुओं के निस्तारण के लिए चिन्हित स्थान पर 11.85 लाख रुपये की लागत से प्रीकास्ट वॉल का निर्माण कराया जाएगा। इससे निर्धारित स्थल की घेराबंदी और सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
रुद्रपुर में प्रमुख चौराहों को आकर्षक स्वरूप देने की दिशा में नगर निगम डीडी चौक पर भव्य डमरू चौक का निर्माण कराने जा रहा है। महापौर ने बताया कि इसके लिए 24.75 लाख रुपये का टेंडर जारी कर दिया गया है। इस परियोजना का भूमिपूजन पहले ही किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार त्रिशूल चौक को भव्य स्वरूप दिया गया है, उसी तर्ज पर डीडी चौक को भी विकसित करने की योजना है। शहर के प्रमुख चौराहों का सौंदर्यीकरण रुद्रपुर की पहचान को बेहतर बनाने के साथ सार्वजनिक स्थलों को व्यवस्थित स्वरूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसके अलावा अतिक्रमण से मुक्त कराई गई जमीनों को दोबारा अतिक्रमण से बचाने और सुरक्षित रखने के लिए 24.66 लाख रुपये का टेंडर जारी किया गया है। जिससे यहां व्यू कटर लगाये जायेंगे। नगर निगम का उद्देश्य है कि जिन जमीनों को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है, उनका संरक्षण सुनिश्चित किया जाए।
वार्ड नंबर एक की ज्येष्ठा कॉलोनी में रोहित भट्ट के घर से मुकेश के घर तक 17.67 लाख रुपये की लागत से सीसी सड़क का निर्माण कराया जाएगा। इसी वार्ड में तीनपानी डामर रोड और मार्ट के पास नेशनल स्कूल वाली गली में मिट्टी भरान तथा सीसी सड़क निर्माण के लिए 4.36 लाख रुपये का कार्य प्रस्तावित है। शांति कॉलोनी में विभिन्न सड़कों पर 18.40 लाख रुपये की लागत से जीएसबी डालने का कार्य कराया जाएगा। इससे संबंधित मार्गों को बेहतर बनाने की दिशा में काम होगा। महापौर ने बताया कि इन कार्यों के अतिरिक्त शहर के विभिन्न वार्डों में सड़क, नाली और पुलिया निर्माण के लिए भी टेंडर जारी किए गए हैं। इन कार्यों का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर लोगों को आवागमन और जल निकासी से जुड़ी समस्याओं से राहत दिलाना है।
महापौर विकास शर्मा ने कहा कि अब तक उनके द्वारा की गई घोषणाओं को पूरा करने की दिशा में काम किया गया है। उन्होंने विपक्ष को चुनौती देते हुए कहा कि वह ऐसी किसी घोषणा का उदाहरण सामने रखे, जिसे महापौर ने किया हो और उसे पूरा न कराया गया हो। उन्होंने कहा कि पहले विकास के नाम पर घोषणाएं तो होती थीं, लेकिन अब उन्हें धरातल पर उतारने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। नगर निगम की प्राथमिकता शहर की बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना और लोगों की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का समाधान करना है। महापौर ने बताया कि शहर में डिजिटल लाइब्रेरी का कार्य भी चल रहा है। इस परियोजना के लिए सीएसआर फंड से 60 लाख रुपये की सहायता मिली है। इससे विद्यार्थियों और युवाओं को आधुनिक अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम आगे बढ़ेगा।
महापौर ने बताया कि गंगापुर रोड के चौड़ीकरण का शासनादेश जारी हो चुका है। वहीं, भूरारानी रोड के लिए शासनादेश जारी करने की प्रक्रिया चल रही है। अटरिया मोड़ से इंदिरा कॉलोनी तक सड़क निर्माण से संबंधित शासनादेश की प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि इन महत्वपूर्ण सड़कों के विकास से शहर में आवागमन को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। नगर निगम स्तर पर विकास कार्यों के साथ-साथ शासन स्तर पर आवश्यक प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।
महापौर ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार और नगर निगम के समन्वय से शहर में विकास कार्यों को गति मिल रही है। उनके अनुसार, ट्रिपल इंजन सरकार में उपलब्ध सहयोग का लाभ क्षेत्रवासियों तक पहुंचाने के लिए नगर निगम लगातार काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि बारिश के कारण जिन निर्माण कार्यों में देरी हुई है, मौसम साफ होने के बाद उन्हें तेजी से पूरा कराया जाएगा। नगर निगम की कोशिश है कि जारी किए गए टेंडरों के कार्य समयबद्ध तरीके से शुरू हों और गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं, ताकि शहरवासियों को विकास योजनाओं का वास्तविक लाभ मिल सके। महापौर के मुताबिक, सड़क, नाली और पुलिया निर्माण से लेकर धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण, पार्कों के जीर्णाेद्धार, सामुदायिक भवनों और प्रमुख चौराहों के विकास तक नगर निगम ने कई स्तरों पर काम आगे बढ़ाया है। अब इन योजनाओं को धरातल पर उतारना और निर्धारित गुणवत्ता के साथ पूरा करना अगला महत्वपूर्ण चरण होगा।


