₹25 करोड़ की संगठित ठगी का खुलासा, कुमाऊं पुलिस की बड़ी कार्रवाई, जमीन और निवेश के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले गिरोह पर SIT का शिकंजा, अवैध संपत्तियां होंगी जब्त

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रुद्रपुर। कुमाऊं परिक्षेत्र में भोले-भाले लोगों को जमीन और निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की चपत लगाने वाले संगठित गिरोह के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। अब तक करीब ₹25 करोड़ से अधिक की वित्तीय एवं भूमि संबंधी धोखाधड़ी सामने आ चुकी है। मामले में वर्ष 2018 से अब तक कुल 09 मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं, जबकि 15 से 20 अन्य पीड़ितों की शिकायतें भी लगातार पुलिस के संज्ञान में आ रही हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए आईजी कुमाऊं रिद्धिम अग्रवाल ने जांच में शिथिलता पाए जाने पर पूर्व में गठित एसआईटी को भंग कर दिया था। इसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति के प्रत्यक्ष पर्यवेक्षण तथा एसपी क्राइम जितेन्द्र चौधरी की अध्यक्षता में नई एसआईटी का गठन किया गया।
पुनर्गठित एसआईटी ने जांच को तेजी से आगे बढ़ाते हुए 21 मई 2026 को एक आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि आरोपी एक संगठित सिंडिकेट बनाकर लोगों से धोखाधड़ी कर अवैध संपत्ति अर्जित कर रहे थे।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 111 बीएनएस के तहत संगठित अपराध की कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही अपराध से अर्जित संपत्तियों को चिन्हित कर धारा 107 बीएनएसएस के तहत जब्ती की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि जब्त की गई संपत्तियों को भविष्य में पीड़ितों के बीच आनुपातिक रूप से वितरित कर नुकसान की भरपाई कराई जाएगी।
इसके अलावा चिन्हित संपत्तियों की खरीद-फरोख्त और अवैध हस्तांतरण रोकने के लिए जिलाधिकारी नैनीताल को भी आवश्यक पत्राचार किया गया है। पुलिस का दावा है कि सिंडिकेट के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।