SIR नोटिस का जवाब देने तहसील पहुंचे 80 वर्षीय बुजुर्ग की मौत, कालाढूंगी का है मामला

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कालाढूंगी तहसील में सीढ़ियों से गिरने के बाद बुजुर्ग की मौत से हड़कंप मच गया. बुजुर्ग एसआईआर नोटिस का जवाब देने आये थे.
रामनगर: कालाढूंगी में SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची में लगी आपत्ति का जवाब देने तहसील पहुंचे 80 वर्षीय बुजुर्ग की अचानक मौत हो गई. बुजुर्ग तहसील भवन की सीढ़ियों से नीचे उतर रहे थे, इसी दौरान वह अचानक गिर पड़े. मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कालाढूंगी पहुंचाया. जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया।.
कालाढूंगी के वार्ड नंबर चार निवासी सद्दाम हुसैन के मुताबिक उनके 80 वर्षीय दादा इब्ने हसन मतदाता सूची में लगी आपत्ति का जवाब देने के लिए तहसील पहुंचे थे. सोमवार को SIR प्रक्रिया के तहत आपत्तियों के निस्तारण और जवाब दाखिल करने का अंतिम दिन था, जिसके चलते तहसील परिसर में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे हुए थे.
परिवार का कहना है कि इब्ने हसन इससे पहले कभी तहसील नहीं गए थे. SIR नोटिस मिलने के बाद वह काफी घबराए और चिंतित थे. हालांकि तहसील पहुंचने के बाद उन्होंने अपनी आपत्ति का जवाब दाखिल कर दिया था.
बताया जा रहा है कि जवाब दाखिल करने के बाद इब्ने हसन दो मंजिले तहसील भवन से सीढ़ियों के रास्ते नीचे उतर रहे थे. इसी दौरान अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया. वह सीढ़ियों से नीचे गिर पड़े. हादसे के बाद वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई. आनन-फानन में उन्हें सीएचसी कालाढूंगी ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
घटना को लेकर पुलिस का कहना है कि परिजन शव को बिना पंचनामा और पोस्टमार्टम कराए अपने साथ घर ले गए. एसएसआई पंकज जोशी के मुताबिक अस्पताल की ओर से भी पुलिस को मामले की कोई आधिकारिक सूचना प्राप्त नहीं हुई है.
वहीं, तहसीलदार पूजा शर्मा ने बताया कि इब्ने हसन अपनी आपत्ति का जवाब दाखिल कर चुके थे. उनका नाम मतदाता सूची में भी दर्ज हो गया था. घटना इसके बाद हुई.
इधर, परिवार ने SIR नोटिस मिलने के बाद बुजुर्ग के मानसिक रूप से परेशान और घबराए होने की बात कही है. साथ ही तहसील के दो मंजिले भवन तक सीढ़ियों से पहुंचने की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. सवाल यह है कि उम्रदराज और बुजुर्ग मतदाताओं के लिए ऐसी प्रक्रिया के दौरान तहसील में सुविधाजनक और सुरक्षित व्यवस्था क्यों नहीं की गई?