
रूद्रपुर/गदरपुर। गदरपुर पुलिस ने अवैध वसूली और रंगदारी के जरिए लोगों को आतंकित करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए भाजपा नेता विकास सागर समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से लूटा गया मोबाइल फोन, घटना में प्रयुक्त कार तथा अन्य मोबाइल फोन बरामद किए हैं। मामले का एक आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है। पुलिस के अनुसार ग्राम सरोवर नगर निवासी फईम अहमद ने कोतवाली गदरपुर में तहरीर देकर बताया था कि एक जून 2026 को उसका भाई वरीस अहमद रुद्रपुर से अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान मसीत गांव जाने वाले मार्ग पर भाजपा नेता विकास सागर अपने साथियों अमित सागर, प्रदीप दिवाकर और गोलू कोटिया के साथ कार में पहुंचा और उसे जबरन वाहन में बैठाने का प्रयास किया। विरोध करने पर आरोपियों ने बलपूर्वक उसका ओप्पो मोबाइल फोन छीन लिया और मौके से फरार हो गए। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान सामने आया कि मुख्य आरोपी विकास सागर शिकायत कर्ता के भाई को पुलिस एवं प्रशासनिक कार्रवाई का भय दिखाकर प्रतिमाह लगभग 35 हजार रुपये की अवैध वसूली करता था। पुलिस के अनुसार लूटे गए मोबाइल फोन में आरोपी के खिलाफ महत्वपूर्ण साक्ष्य मौजूद थे, जिन्हें नष्ट करने के उद्देश्य से फोन छीना गया था। एसएसपी अजय गणपति के निर्देश पर गठित पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छतरपुर क्षेत्र स्थित डिवाइन सिटी कॉलोनी में घेराबंदी कर विकास सागर, अमित सागर और प्रदीप दिवाकर को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने घटना को स्वीकार किया। उनकी निशानदेही पर गुलरभोज फ्लाईओवर के पास झाड़ियों से लूटा गया ओप्पो ए 78 मोबाइल फोन बरामद किया गया। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से मोबाइल फोन का सिम कार्ड तोड़ दिया था तथा फोन को फॉर्मेट कर दिया था। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त सफेद रंग की बलेनो कार संख्या यूके06बीएच8088 को भी कब्जे में ले लिया है। इस मामले में कोतवाली गदरपुर में विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कई अन्य मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। मामले का चौथा आरोपी गोलू कोटिया अभी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति ने कहा कि जनपद में अवैध वसूली, रंगदारी और गुंडागर्दी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आमजन को भयभीत कर धन उगाही करने वालों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।



