
नानकमत्ता/रुद्रपुर। ऊधम सिंह नगर जिले के नानकमत्ता क्षेत्र में पुरानी रंजिश के चलते एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या किए जाने का मामला सामने आया है। ग्राम सिद्धा नवदिया में शनिवार देर रात कार और बाइकों पर सवार होकर पहुंचे 15 से 20 हमलावरों पर एक घर में पथराव और फायरिंग करने का आरोप है। इसी दौरान खेत से घर लौट रहे 35 वर्षीय सतनाम सिंह को गोली मार दी गई। उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने आठ नामजद आरोपियों समेत अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घर पर पथराव और फायरिंग का आरोप
परिजनों के अनुसार, शनिवार रात करीब 10 बजे हथियारों से लैस हमलावर कार और बाइकों से कुलदीप सिंह के घर पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने घर पर पथराव करने के साथ फायरिंग भी की। इस दौरान कुलदीप सिंह का पुत्र प्रिंस छत पर पहुंचकर घटना का वीडियो बनाने लगा। परिजनों का आरोप है कि हमलावरों ने उसे निशाना बनाकर गोली चलाई, लेकिन वह बाल-बाल बच गया।
खेत से लौट रहे सतनाम सिंह को मारी गोली
बताया जा रहा है कि घर पर वारदात के बाद हमलावर वापस लौट रहे थे। इसी दौरान खेत में मूंगफली की कटी फसल की देखरेख कर घर लौट रहे कुलदीप सिंह के बड़े भाई सतनाम सिंह उनके सामने आ गए। आरोप है कि हमलावरों ने उन्हें घेरकर गोली मार दी। गोली सीने में लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन उन्हें पहले सितारगंज उप जिला चिकित्सालय ले गए, जहां से हालत गंभीर होने पर रुद्रपुर जिला अस्पताल रेफर किया गया। वहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुरानी रंजिश को बताया जा रहा वारदात का कारण
परिजनों के मुताबिक, कुछ दिन पहले गांव में दो पक्षों के बीच हुए विवाद में कुलदीप सिंह बीच-बचाव करने पहुंचे थे। आरोप है कि इसके बाद एक पक्ष उनसे रंजिश रखने लगा और उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई। इस संबंध में कुलदीप सिंह ने नानकमत्ता थाना पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की थी।
आठ नामजद आरोपियों समेत अन्य पर मुकदमा
मृतक के भाई सोनू सिंह की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आठ नामजद आरोपियों समेत अन्य हमलावरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच की जा रही है और वारदात में शामिल लोगों की भूमिका का पता लगाया जा रहा है।
पुलिस की कार्रवाई पर परिजनों ने उठाए सवाल
सतनाम सिंह की हत्या के बाद परिजनों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि पहले धमकी मिलने की शिकायत की गई थी, लेकिन समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। परिजनों का दावा है कि यदि शिकायत पर कार्रवाई की जाती, तो शायद यह घटना टल सकती थी। हालांकि, इस संबंध में पुलिस की पूर्व कार्रवाई और लापरवाही के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
घटना के बाद ग्राम सिद्धा नवदिया में दहशत का माहौल है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।


