कांवड़ियों की मौत के मामले में आया नया मोड़, NHAI के खिलाफ केस दर्ज

खबरें शेयर करें
हरिद्वार में निर्माणाधीन फ्लाईओवर का गार्डर गिरने से दो कांवड़ियों की मौत के मामले में परिजनों की तहरीर पर एनएचएआई के खिलाफ केस दर्ज हुआ.
हरिद्वार: बहादराबाद थाना क्षेत्र के बढ़ेड़ी राजपूतान गांव के पास निर्माणाधीन हाईवे फ्लाईओवर के नीचे लोहे के गर्डर गिरने से दो कांवड़ियों की मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है. लापरवाही के आरोपों के बाद इस मामले में पुलिस ने एनएचएआई के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है. मृतकों के परिजनों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी गई है. पुलिस निर्माण कार्य में बरती गई सुरक्षा व्यवस्था और लापरवाही के पहलुओं की जांच कर रही है. गौर हो कि बीते शनिवार को हुए हुए हादसे में अक्षित उर्फ तनुज (21 वर्ष) पुत्र महेश और कृष्ण (18 वर्ष) पुत्र मटरू की दर्दनाक मौत हो गई थी.
पुलिस के अनुसार, यूपी गाजियाबाद के मोदीनगर थाना भोजपुर क्षेत्र के रहने वाले मृतक अक्षित उर्फ तनुज के पिता महेश और मृतक कृष्ण के पिता मटरू, निवासी सकुरपुर, थाना भोजपुर, मोदीनगर, जनपद गाजियाबाद ने पुलिस को तहरीर दी. उन्होंने तहरीर देकर बताया कि 18 वर्षीय कृष्ण और 21 वर्षीय अक्षित उर्फ तनुज कांवड़ यात्रा के दौरान हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर लौट रहे थे. एक अगस्त को दोनों बढ़ेड़ी राजपूतान गांव के समीप निर्माणाधीन फ्लाईओवर के नीचे कुछ देर विश्राम करने के लिए रुके थे.
इसी दौरान वहां रखे लोहे के भारी भरकम गार्डर अचानक खिसककर दोनों युवकों के ऊपर गिर पड़े. हादसे में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए. आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया. मृतकों के परिजनों ने आरोप लगाया है यह हादसा एनएचएआई की घोर लापरवाही के कारण हुआ है. निर्माण स्थल पर एनएचएआई द्वारा सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया. उनका कहना है कि लोहे के भारी भारी गार्डरों को बीच रास्ते में असुरक्षित तरीके से रखा गया था, जिसके कारण इतना बड़ा हादसा हुआ. यदि निर्माण एजेंसी ने आवश्यक सुरक्षा इंतजाम किए होते तो यह हादसा नहीं होता. परिजनों ने घटना के लिए जिम्मेदार एनएचएआई के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है.
परिजनों की तहरीर के आधार पर इस मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. मामले की जांच शुरू कर दी है, जांच में जो कोई भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
-अमरजीत सिंह, हरिद्वार बहादराबाद थाना प्रभारी
गौरतलब है कि कांवड़ मेले में अभी तक छह कांवड़ियों की मौत हो चुकी है. जिनमें से एक चार कांवड़ियों की मौत गंगनहर में डूबने से हुई है और दो कांवड़ियों की मौत लोहे गार्डर के नीचे दबने से हुई है. एक मामले में तो मृतक के परिजनों ने एनएचएआई के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया और कार्रवाई करने की मांग की है.