
हरिद्वार कांवड़ मेले में स्वच्छ दूत तैनात, पॉलीथीन के बदले बांट रहे कम्पोस्टेबल बैग, पुराने कपड़ों से बनेगा कॉटन फाइबर
हरिद्वार: कांवड़ मेले के दौरान रोजाना निकलने वाले सैकड़ों टन कूड़े के निस्तारण के लिए हरिद्वार नगर निगम भी पुरजोर कोशिश कर रहा है. कूड़े की सफाई के साथ पर्यावरण संरक्षण को लेकर नगर निगम प्रशासन ने कई नई पहल शुरू की है. जिसके तहत गंगा घाटों पर स्नान के बाद श्रद्धालुओं द्वारा छोड़े जाने वाले पुराने कपड़े और पॉलीथीन अब कचरे में नहीं जाएंगे. बल्कि, उनका पुनर्चक्रण कर रीसाइकिल्ड कॉटन फाइबर तैयार किया जाएगा.
इसके साथ ही सिंगल यूज प्लास्टिक के बदले श्रद्धालुओं को निशुल्क कम्पोस्टेबल बैग दिए जा रहे हैं. जबकि, घाटों पर तैनात स्वच्छता दूत मेगाफोन यानी लाउडस्पीकर के जरिए लोगों को स्वच्छता का संदेश दे रहे हैं. ताकि, हरिद्वार में प्लास्टिक कचरा न फैले और स्वच्छ तरीके से कांवड़ यात्रा चले.
हरिद्वार नगर निगम क्षेत्र से रोजाना निकलता है करीब 200 टन कूड़ा: बता दें कि हरिद्वार नगर निगम क्षेत्र से रोजाना करीब 200 टन कूड़ा निकलता है और कांवड़ जैसे आयोजन में यह आंकड़ा दोगना हो जाता है. इसलिए नगर निगम ने नेचर फाउंडेशन के सहयोग से कांवड़ मेले में पुराने वस्त्रों के वैज्ञानिक संग्रहण का अभियान शुरू किया है. हरकी पौड़ी, मालवीय घाट, सुभाष घाट, नाई घाट, विष्णु घाट और सीसीआर घाट समेत प्रमुख घाटों पर विशेष डस्टबिन लगाए गए हैं.
यहां तैनात 20 प्रशिक्षित कार्मिक श्रद्धालुओं की ओर से छोड़े गए वस्त्रों को अलग-अलग एकत्र कर सराय स्थित मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर भेज रहे हैं. वहां वस्त्रों का वजन दर्ज करने के बाद उन्हें सुरक्षित रखा जा रहा है. इसके साथ ही कूड़े वहां कूड़ा निस्तारण प्लांट में कूड़े का निस्तारण भी किया जा रहा है. मेला समाप्त होने के बाद इनका पुनर्चक्रण कर रीसाइकिल्ड कॉटन फाइबर तैयार किया जाएगा.
प्लास्टिक एक्सचेंज अभियान भी शुरू: नगर निगम ने प्लास्टिक प्रदूषण रोकने के लिए प्लास्टिक एक्सचेंज अभियान भी शुरू किया है. इसके तहत श्रद्धालुओं से प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक पॉलीथीन लेकर उन्हें निशुल्क कम्पोस्टेबल बैग उपलब्ध कराए जा रहे हैं. निगम की टीमें लोगों को प्लास्टिक से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान और उसके विकल्पों के बारे में भी जागरूक कर रही हैं. इसके लिए लाउडस्पीकर का सहारा लिया जा रहा है.
“कांवड़ मेले में जुर्माने की कार्रवाई के बजाय व्यवहार परिवर्तन और जनजागरूकता पर जोर दिया जा रहा है. घाटों पर तैनात स्वच्छता दूत लगातार मेगाफोन के माध्यम से श्रद्धालुओं से कूड़ा केवल डस्टबिन में डालने, गंगा में प्लास्टिक या अन्य अपशिष्ट न फेंकने और सिंगल यूज प्लास्टिक से बचने की अपील कर रहे हैं.”- दीपक गोस्वामी, सहायक नगर आयुक्त
पहल को सराह रहे श्रद्धालु: वहीं, श्रद्धालु भी इस पहल की सराहना करते हुए स्वच्छ और प्लास्टिक मुक्त हरिद्वार बनाने में सहयोग का भरोसा जता रहे हैं. श्रद्धालु उमेश नरवाल और बाबल ने बताया कि नगर निगम प्रशासन की अच्छी पहल है, लेकिन इसके लिए हम सब लोगों को जागरूक होना पड़ेगा.
बीती रात 50 किलो पॉलीथिन जब्त: बीती रात भी नगर निगम की टीम ने हरकी पैड़ी के पास एक गोदाम से 50 किलो प्रतिबंधित पॉलिथीन जब्त की और जुर्माने की कार्रवाई की तैयारी है. इससे पहले भी हरिद्वार में ही एक गोदाम से करीब 5 हजार किलो सिंगल यूज प्लास्टिक और पॉलीथिन बरामद किया गया था. जिस पर एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया था.
“हर साल घाटों पर बड़ी मात्रा में छोड़े गए कपड़ों के निस्तारण की चुनौती रहती है. नई व्यवस्था से घाटों की स्वच्छता भी बनी रहेगी. यह अभियान कांवड़ के बाद भी जारी रहेगा. फिलहाल, कांवड़ मेले में दिन रात कूड़ा उठान का कार्य किया जा रहा है. ताकि, घाटों पर गंदगी न जमा हो.”- नंदन कुमार, नगर आयुक्त, हरिद्वार



