
जॉर्ज एवरेस्ट एस्टेट समेत विभिन्न सरकारी संपत्तियों की लीज और पीपीपी व्यवस्था पर कांग्रेस ने उठाए सवाल, पारदर्शिता की मांग
रुद्रपुर। सरकारी विभागों की बेशकीमती जमीनों और संपत्तियों को लीज एवं पीपीपी मोड के माध्यम से निजी संस्थाओं को दिए जाने का आरोप लगाते हुए पूर्व विधायक एवं कांग्रेस नेता राजकुमार ठुकराल ने प्रदेश सरकार पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि सरकार को सरकारी संपत्तियों से जुड़े निर्णयों, निविदा प्रक्रिया, लीज की शर्तों, अवधि और राज्य को होने वाले आर्थिक लाभ की पूरी जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए।
मीडिया से बातचीत में ठुकराल ने उत्तराखंड निवेश एवं अवसंरचना विकास बोर्ड के गठन को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके माध्यम से राज्य की बेशकीमती सरकारी भूमि को निजी संस्थाओं और बाहरी लोगों को सौंपने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं।
ठुकराल ने मसूरी के जॉर्ज एवरेस्ट एस्टेट का मामला उठाते हुए कहा कि करीब 142 एकड़ सरकारी भूमि और वहां विकसित पर्यटन सुविधाओं का संचालन राजस एयरो स्पोर्ट्स एंड एडवेंचर प्राइवेट लिमिटेड को 15 वर्ष के लिए लगभग एक करोड़ रुपये वार्षिक शुल्क पर दिया गया है। उन्होंने इस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि इतनी महत्वपूर्ण संपत्ति के संचालन के लिए निर्धारित शुल्क और निविदा की शर्तें किस आधार पर तय की गईं।
उन्होंने कहा कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार जॉर्ज एवरेस्ट में पर्यटन सुविधाओं के विकास पर एशियाई विकास बैंक के ऋण से करीब 23 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए हैं। ऐसे में परियोजना से राज्य को दीर्घकाल में होने वाले आर्थिक लाभ का स्पष्ट विवरण जनता के सामने रखा जाना चाहिए।
ठुकराल ने दावा किया कि लोक निर्माण विभाग के करीब 25 निरीक्षण भवनों सहित पर्यटन विभाग की कुछ संपत्तियों को भी लीज पर देने का सैद्धांतिक निर्णय लिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि विभिन्न जिलों में हजारों बीघा सरकारी भूमि को लीज पर देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। उन्होंने रानीखेत, अल्मोड़ा, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, गुप्तकाशी, फाटा सहित कई क्षेत्रों की सरकारी संपत्तियों का उल्लेख करते हुए सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
पूर्व विधायक ने कहा कि सरकारी जमीन और संपत्तियां जनता की संपत्ति हैं, इसलिए इनके उपयोग और हस्तांतरण में पूरी पारदर्शिता जरूरी है। उन्होंने सरकार से लीज की अवधि, आर्थिक शर्तों, चयन प्रक्रिया और राज्य को होने वाले लाभ से संबंधित दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग की।
ठुकराल ने सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए नैतिक जिम्मेदारी का मुद्दा भी उठाया। वहीं, कांग्रेस जिलाध्यक्ष हिमांशु गाबा ने बताया कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के निर्देश पर सरकारी संपत्तियों और भ्रष्टाचार से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदेशभर में प्रेस वार्ताएं की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इन मामलों को जनता के सामने रखकर सरकार से जवाब मांग रही है।
इस दौरान महानगर अध्यक्ष ममता रानी, संदीप चीमा, डॉ. अजय कुमार सिंह, गोपाल भसीन, ज्योति टम्टा, सरोज शर्मा, बाबू खान, विजय शंकर शुक्ला, भूपेश सोनी, ममता हालदार, सतीश कुमार, केरू मंडल, योगेश चौहान और बाबू विश्वकर्मा सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।



