रुड़की में सड़कों पर उतरे किसान, अपनी मांगों को लेकर सरकार को चेताया, खामियाजा भुगतने की दी चेतावनी

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उत्तराखंड के रुड़की में आज किसानों ने सरकार के खिलाफ हल्ला बोल किया. किसानों ने महापंचायत कर सरकार के चेताया भी.
रुड़की: हरिद्वार जिले के रुड़की में छह सूत्रीय मांगों को लेकर किसानों का गुस्सा एक बार फिर सड़कों पर दिखाई दिया. आज 21 अक्टूबर बुधवार को उत्तराखंड किसान मोर्चा के बैनर तले किसानों ने एसडीएम चौक के पास चक्का जाम कर एक बड़ी महापंचायत का आयोजन किया. किसानों के चक्का जाम के चलते यातायात भी प्रभावित हुआ, किसान अपनी मांगों को लेकर एकजुट नजर आए और सरकार से जल्द समाधान की मांग की. साथ ही सरकार को चेतावनी भी दी.
बुधवार को दोपहर करीब एक बजे बड़ी संख्या में किसान अपने-अपने ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और अन्य संसाधनों के साथ मौके पर पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की. इस दौरान किसानों ने साफ चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और भी तेज किया जाएगा. किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी गुलशन रोड ने सरकार को आगामी चुनाव में इसका खामियाजा भुगतने की भी चेतावनी दी.
किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी गुलशन रोड ने बताया कि किसान लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि रूड़की तहसील में संगठन का धरना बीती 19 अगस्त से लगातार जारी है, लेकिन अब तक समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है.
गुलशन रोड के अनुसार किसानों की प्रमुख मांगों में बकाया गन्ना भुगतान, चकबंदी प्रक्रिया में सुधार, तहसील से जुड़े कार्यों को सरल बनाना, ऊर्जा निगम की कथित बेवजह छापेमारी पर रोक और छोटे बकायेदारों के बिजली कनेक्शन काटने की कार्रवाई बंद करना शामिल है.
महापंचायत के दौरान किसानों ने स्पष्ट किया कि उनकी मांगों को लेकर आगे की आंदोलनकारी रणनीति भी तय की जाएगी. चौधरी गुलशन रोड ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने किसानों की समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया, तो आगामी चुनाव में उसे इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है. फिलहाल रुड़की में किसानों ने अपनी छह सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है. किसानों की निगाहें अब सरकार और प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं.