ब्रेस्ट कैंसर का आधुनिक इलाज: नई तकनीकों से बेहतर उपचार और महिलाओं का आत्मविश्वास लौटाना संभव

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रुद्रपुर – ब्रेस्ट कैंसर महिलाओं में होने वाले प्रमुख कैंसर में से एक है। हालांकि, आज बेहतर जांच और आधुनिक इलाज की मदद से इस बीमारी का प्रभावी उपचार संभव हो रहा है। अब इलाज का उद्देश्य केवल कैंसर को हटाना ही नहीं, बल्कि स्तन को सुरक्षित रखना, शरीर की बनावट बनाए रखना और महिला के आत्मविश्वास को भी बढ़ावा देना है।

मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, वैशाली के सर्जिकल ऑन्कोलॉजी (ब्रेस्ट) विभाग की सीनियर डायरेक्टर डॉ. राजिंदर कौर सग्गू ने बताया कि”आधुनिक तकनीकों से कई मरीजों में स्तन को बचाकर सर्जरी की जा सकती है। जरूरत पड़ने पर स्तन हटाने के बाद इम्प्लांट या शरीर के दूसरे हिस्सों के टिश्यू की मदद से उसका दोबारा निर्माण भी किया जा सकता है। कुछ मरीजों में रोबोटिक और एंडोस्कोपिक सर्जरी से छोटे चीरे लगाए जाते हैं, जिससे निशान कम दिखाई दे सकते हैं और रिकवरी में मदद मिलती है।”

डॉ. राजिंदर ने आगे बताया कि अब बगल की सभी लिम्फ नोड्स निकालने के बजाय कई मामलों में केवल शुरुआती एक या दो नोड्स की जांच की जाती है। इससे हाथ में लंबे समय तक सूजन होने का खतरा कम हो सकता है।

इलाज अब हर मरीज के कैंसर की स्थिति और उसकी विशेषताओं के अनुसार तय किया जाता है। जीन की जांच से यह समझने में मदद मिल सकती है कि कीमोथेरेपी जरूरी है या नहीं। कुछ मरीजों को टारगेटेड थेरेपी, इम्यूनोथेरेपी, हार्मोनल दवाइयों या रेडिएशन थेरेपी की सलाह दी जा सकती है। सर्जरी से पहले इलाज देकर ट्यूमर का आकार कम करना भी संभव है।

ब्रेस्ट में गांठ, त्वचा में बदलाव, निप्पल से असामान्य स्राव या आकार में बदलाव को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। 40 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं और परिवार में कैंसर का इतिहास होने पर डॉक्टर से नियमित स्क्रीनिंग के बारे में सलाह लेना जरूरी है।