
रुद्रपुर। जनपद में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन ने सख्ती शुरू करने के निर्देश दिए हैं। अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्र ने जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में संबंधित अधिकारियों को ओवरलोडिंग, भारी वाहनों की तेज रफ्तार, नशे में वाहन चलाने और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
जिला सभागार में आयोजित बैठक में अपर जिलाधिकारी ने सड़कों पर बने अनाधिकृत कटों का निरीक्षण कर उन्हें बंद कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बंद कटों को अवैध रूप से खोलने और डिवाइडरों को तोड़ने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाए।
उन्होंने सड़क दुर्घटना संभावित स्थलों का संबंधित विभागों के अधिकारियों से संयुक्त निरीक्षण कराकर समस्याओं का समाधान करने और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक साइनबोर्ड लगाने के निर्देश दिए। राष्ट्रीय राजमार्ग और राज्य मार्गों से जुड़ने वाली सड़कों पर गति सीमा संबंधी संकेतक लगाने तथा आवश्यकतानुसार स्पीड ब्रेकर बनाने को भी कहा।
### हेलमेट नहीं तो पेट्रोल नहीं, नियम का होगा सख्ती से पालन
अपर जिलाधिकारी ने नशे में वाहन चलाने वालों की सख्ती से जांच करने और बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने वालों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ‘नो हेलमेट-नो पेट्रोल’ आदेश का पालन सुनिश्चित कराया जाए। बिना हेलमेट वाले दोपहिया वाहन चालकों को पेट्रोल देने वाले पेट्रोल पंपों के खिलाफ भी नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इसके साथ ही विद्यालयों में सड़क सुरक्षा नियमों को लेकर जागरूकता शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए गए, ताकि विद्यार्थियों को यातायात नियमों और सुरक्षित वाहन संचालन के प्रति जागरूक किया जा सके।
### अवैध ई-रिक्शा और निराश्रित पशुओं पर भी नजर
अपर जिलाधिकारी ने कहा कि सड़कों पर अत्यधिक ई-रिक्शा संचालन के कारण जाम और दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ती है। इसे देखते हुए अनधिकृत ई-रिक्शा का सत्यापन कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं का एक अन्य कारण निराश्रित पशुओं की मौजूदगी को बताते हुए निकाय अधिकारियों को ऐसे पशुओं को आश्रय स्थलों तक पहुंचाने और उनके गले में रिफ्लेक्टर पट्टी लगाने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि सड़क दुर्घटना होने पर संबंधित सड़क निर्माण विभाग, एआरटीओ और पुलिस की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचें। दुर्घटनाओं का शीघ्र विश्लेषण कर रिपोर्ट भेजी जाए, ताकि आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की जा सके।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद: अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण विभाग अनिल पांगती, अधिशासी अभियंता गजेंद्र सिंह, सीओ वैभव सैनी, एआरटीओ संदीप वर्मा, मोहित कोठारी, नवीन सिंह, एनएचएआई के सोनू गुप्ता और मोहित कुशवाहा, एसीएमओ डॉ. हरीश पांडे तथा अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत कुलदीप सिंह बिष्ट सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।


