
रुद्रपुर। ऊधम सिंह नगर जनपद के रुद्रपुर में सेंट जॉन चर्च के पास खड़ी कार के नीचे कपड़े में लिपटी मिली नवजात बच्ची के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। मामले की जांच के बाद पुलिस ने बच्ची की मां, नानी और एक युवक समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, बच्ची को जन्म के अगले दिन ही चर्च के पास छोड़ दिया गया था।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 17 अक्टूबर 2026 को डायल 112 के माध्यम से सूचना मिली कि सिंह कॉलोनी की गली नंबर-1 स्थित चर्च रोड पर सेंट जॉन चर्च के पास खड़ी कार के नीचे कपड़े में लिपटी एक नवजात बच्ची पड़ी है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और बच्ची को तत्काल जिला अस्पताल रुद्रपुर में भर्ती कराया गया। बच्ची की गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे बेहतर उपचार के लिए सुशीला तिवारी अस्पताल, हल्द्वानी रेफर कर दिया। मामले की जानकारी चाइल्ड केयर कमेटी को भी दी गई।
इस मामले में कोतवाली रुद्रपुर में मुकदमा अपराध संख्या 548/2026, धारा 91 बीएनएस के तहत अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। विवेचना के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस टीम ने 19 अक्टूबर 2026 को ट्रांजिट कैंप क्षेत्र के आजादनगर से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों में बच्ची की मां और नानी शामिल
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शीतल (23 वर्ष), बच्ची की मां; लीलावती (45 वर्ष), बच्ची की नानी; और मुनीश पाल (30 वर्ष) के रूप में हुई है। शीतल और लीलावती आजादनगर, ट्रांजिट कैंप क्षेत्र की निवासी हैं, जबकि मुनीश पाल मूल रूप से उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जनपद के भगवंतापुर का निवासी है और वर्तमान में आजादनगर में रह रहा था।
पूछताछ में सामने आई यह बात
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि नवजात बच्ची का जन्म 16 अक्टूबर की रात बिलासपुर स्थित एक अस्पताल में हुआ था। 17 अक्टूबर को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद बच्ची को घर ले जाने के बजाय घटनास्थल पर ले जाकर छोड़ दिया गया। विवेचना में यह भी सामने आया कि दोनों महिलाएं मुनीश पाल की मोटरसाइकिल से बच्ची को चर्च के पास लेकर गई थीं।
पुलिस टीम ने की गिरफ्तारी
इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक जीवन सिंह अधिकारी, कांस्टेबल हरीश रावत, महिला कांस्टेबल अनीशा आर्या और सरकारी वाहन चालक नरेश जोशी शामिल रहे।



