राहुल गांधी का उत्तराखंड दौरा, हरीश रावत भी हुए एक्टिव, छात्रों से की अपील

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लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी 17 जुलाई को देहरादून में छात्रों की गूंज कार्यक्रम में हिस्सा लेने आ रहे हैं.
देहरादून: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी 17 जुलाई को एक दिवसीय दौरे पर उत्तराखंड आ रहे हैं. उत्तराखंड के देहरादून में राहुल गांधी का कार्यक्रम प्रस्तावित है. इस कार्यक्रम में राहुल गांधी बड़ी संख्या में छात्रों से संवाद करेंगे. छात्रों की गूंज नाम के इस कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व सीएम हरीश रावत ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट किया. उन्होंने ज्यादा से ज्यादा संख्या में छात्रों से राहुल गांधी के कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की है.
हरीश रावत ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि मेरा उत्तराखंड के सभी युवाओं से आग्रह है कि इस अभियान से जुड़ने के लिए पोस्टर पर दिए गए QR कोड को स्कैन करें और श्री @RahulGandhi जी के साथ इस महत्वपूर्ण संवाद का हिस्सा बनें.
इसके अलावा हरीश रावत ने एक और पोस्ट में लिखा कि आइए छात्रों के अधिकार, बेहतर शिक्षा और रोजगार की लड़ाई में अपनी आवाज़ बुलंद करें. 17 जुलाई को देहरादून आइए, छात्र आंदोलन में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें.
वहीं राहुल गांधी ने खुद भी इस क्रार्यक्रम को लेकर पोस्ट किया है. उन्होंने लिखा है कि भ्रष्ट, अन्यायी, पक्षपाती, बेईमान, ये चार शब्द मेरे नहीं, ये देश के छात्र आज भारत की शिक्षा व्यवस्था के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं. और सच यही है भारत की शिक्षा व्यवस्था अब एक बेईमान वसूली तंत्र बन चुकी है, जो व्यवस्था बच्चों के भविष्य को तैयार करने के लिए बनी थी, वो आज उन्हें और उनके परिवार को कर्ज़, तनाव और निराशा में धकेल रही है. इसी भ्रष्टाचार ने पेपर लीक माफ़िया को जन्म दिया, जो तैयारी कर रहे लाखों छात्रों की सालों की मेहनत एक झटके में लूट लेता है.
यहां दोषी vendors और अधिकारियों को मिलती है tender और तरक्की. और सजा किसे मिलती है? छात्रों को, जिन्हें टूटे सपनों के साथ अकेले छोड़ दिया जाता है. मोदी सरकार और शिक्षा मंत्री यह सब देख रहे हैं, पर उन्होंने चुप्पी चुनी है जवाबदेही से मुंह मोड़ लिया है, और मीडिया में? बस एक लंबा सन्नाटा.
अब बहुत हुआ – अब वक़्त है शिक्षा में Revolution का. 17 जुलाई, देहरादून में मेरे साथ आइए, ‘छात्रों की गूंज’ को और बुलंद करें.
दरअसल, उत्तराखंड में अगले साल 2027 में शुरुआत में चुनाव होने हैं. चुनाव से पहले सभी राजनीतिक दल के वरिष्ठ नेता चुनाव मोड में आ गए हैं और जनता से जुड़े मुद्दे उठा रहे हैं.