नए शैक्षिक सत्र को लेकर प्रशासन सख्त, प्रवेश प्रक्रिया पारदर्शी और छात्र सुरक्षा पर विशेष जोर

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हल्द्वानी। नए शैक्षिक सत्र को देखते हुए जनपद नैनीताल में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर और पारदर्शी बनाने के लिए जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। इसी क्रम में राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी के सभागार में जनपद के सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और प्रबंधकों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के निर्देशन में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता सिटी मजिस्ट्रेट एपी बाजपाई ने की, जिसमें नए सत्र में प्रवेश प्रक्रिया, छात्र सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को लेकर कई अहम दिशा-निर्देश जारी किए गए।
बैठक में जनपद के सभी राजकीय, सहायता प्राप्त और निजी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों के साथ शैक्षिक एवं प्रशासनिक विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। सिटी मजिस्ट्रेट ने निर्देश दिए कि विद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक होनी चाहिए, ताकि छात्रों और अभिभावकों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के दिशा-निर्देशों और शिक्षा का अधिकार अधिनियम के प्रावधानों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया, जिससे पात्र छात्र-छात्राओं को इसका अधिकतम लाभ मिल सके।भौगोलिक संदर्भ
बैठक में विद्यालयों को प्रवेश शुल्क और शिक्षण शुल्क से संबंधित निर्धारित मानकों का पालन करने, गुणवत्तापूर्ण पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और स्कूल यूनिफॉर्म व्यवस्था को सुव्यवस्थित रखने के निर्देश दिए गए। साथ ही नई शिक्षा नीति के तहत बैग पॉलिसी का पालन करने तथा विद्यालयों की वेबसाइट पर आवश्यक सूचनाएं सार्वजनिक करने को भी अनिवार्य बताया गया। सिटी मजिस्ट्रेट ने स्पष्ट किया कि हर वर्ष प्रवेश शुल्क वसूलना और यूनिफॉर्म में बार-बार बदलाव करना स्वीकार्य नहीं होगा।
यदि किसी विद्यालय द्वारा नियमों का उल्लंघन किया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। छात्राओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सभी विद्यालयों में महिला शिकायत पेटिका (ड्रॉप बॉक्स) स्थापित करने और एक महिला काउंसलर नियुक्त करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि छात्राएं अपनी समस्याओं को बिना झिझक दर्ज करा सकें और उनका समय पर समाधान हो सके। इस दौरान मुख्य शिक्षा अधिकारी गोविंद जायसवाल ने निजी विद्यालयों को निर्देशित किया कि वे स्कूल ड्रेस पर अनावश्यक चिन्ह न लगाएं और हर वर्ष ड्रेस बदलने की परंपरा समाप्त करें।