
दिल्ली के सत्य निकेतन में दिल दहलाने देने वाली घटना में अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है.
नई दिल्ली: सत्य निकेतन में सोमवार को हुए इमारत हादसे के बाद दिल्ली पुलिस ने हादसे में मृतकों और घायलों की सूची जारी कर दी है. पुलिस के मुताबिक, मलबे में फंसे कई लोगों को विभिन्न एजेंसियों के संयुक्त बचाव अभियान के दौरान सुरक्षित बाहर निकाला गया. सभी rescued लोगों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया. हादसे के बाद कुल 12 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इनमें सात लोगों की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि पांच घायलों का उपचार चल रहा है. इनमें तीन की हालत गंभीर बताई गई है.
पुलिस द्वारा जारी मृतकों की सूची के अनुसार अभिषेक (20) पुत्र संतोष कुमार, निवासी सोनभद्र, उत्तर प्रदेश, युवराज सोनी (20) पुत्र कन्हैया लाल सोनी, निवासी दुर्ग, छत्तीसगढ़, पवन (17) पुत्र विश्वंभर नाथ, निवासी औरैया, उत्तर प्रदेश, अर्पित जहाज (19) पुत्र भूपेंद्र जहाज, निवासी देवास, मध्य प्रदेश और अक्षत सिंह यादव (18) पुत्र मंता सिंह यादव, निवासी कटनी, मध्य प्रदेश की मौत हुई है. पुलिस के अनुसार ये सभी छात्र थे. इसके अलावा 75 वर्षीय सुरिंदर सिंह पुत्र केवल सिंह, जो मजदूर थे, की भी हादसे में जान चली गई. सातवें मृतक की पहचान अभी नहीं हो सकी. पुलिस ने उसे फिलहाल अज्ञात पुरुष के रूप में सूचीबद्ध किया है.
मृतकों और घायलों की सूची: हादसे में घायल पांच लोगों में असगर अली (30), नीरज बावा (19), आदित्य कुमार (19), नितिन छिब (19) पुत्र पवन और मोहम्मद अयान (18) पुत्र मोहम्मद वकील शामिल हैं. सभी का अस्पताल में उपचार चल रहा है. दिल्ली पुलिस के मुताबिक, बचाव अभियान के दौरान विभिन्न एजेंसियों ने लगातार मलबा हटाकर लोगों की तलाश की. हादसे में मरने वालों में ज्यादातर युवा छात्र हैं, जिससे घटना की गंभीरता और बढ़ गई है. पुलिस और संबंधित एजेंसियां पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी हैं.
मध्य प्रदेश के दो छात्रों की मौत: इस हादसे में जान गंवाने वाले मध्य प्रदेश के छात्रों की पहचान इस प्रकार है: अक्षत सिंह यादव: यह मध्य प्रदेश के कटनी जिले के रहने वाले थे. अक्षत दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) के पीजीडीएवी (PGDAV) कॉलेज में बी.कॉम (B.Com) सेकंड ईयर के छात्र थे और भविष्य में यूपीएससी (UPSC) की तैयारी कर रहे थे. अर्पित जैन: इनकी उम्र 18 वर्ष थी और यह मध्य प्रदेश के देवास जिले के रहने वाले थे. अर्पित रक्षाबंधन की छुट्टियां मनाकर अपने घर से दिल्ली लौटे ही थे कि यह हादसा हो गया.
अक्षत घर का इकलौता संतान था: इस हादसे में जान गंवाने वाले अक्षत यादव अपने घर का इकलौता संतान था, एक छोटी बहन है, जो अभी पढ़ाई कर रही है. मृतक अक्षत यादव के नाना सोनू बताते हैं कि हम लोग कई बार अक्षत को कॉल किया लेकिन उसका कॉल नहीं लग रहा था, उसके बाद हमें बिल्डिंग गिरने के बारे में जानकारी मिली, हम लोग जब मौके पर पहुंचे तो देखा कि पूरी बिल्डिंग गिरी हुई है और उसके अंदर से छात्रों को निकालने का कार्य जारी था.
मृतक अक्षत यादव के नाना सोनू
अक्षत यूपीएससी की कर रहा था तैयारी: उन्होंने कहा कि हम लोग अपने लड़के की तलाश में रात भर भटकते रहे, फिर आज हमें पता चला कि हमारा घर का लड़का इस हादसे का शिकार हो गया है, उसकी मौत से उसके माता-पिता सभी टूट चुके हैं, घर का इकलौता चिराग था, इसके पापा ठेकेदारी का काम करते है. यूपीएससी की तैयारी के लिए वह यहां पर मौजूद था, पिछले 1 साल से वह इसी पीजी में रह रहा था. आज उसकी बॉडी को एंबुलेंस के माध्यम से परिजन मध्य प्रदेश लेकर गए है. समय रहते बिल्डिंग मलिक ने इस जर्जर बिल्डिंग को ठीक नहीं कराया, जिसका नतीजा हुआ कि या बिल्डिंग गिर गई है और इसमें कई छात्र अब तक जान गंवा बैठे हैं.
बता दें कि दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला पीजी बिल्डिंग गिरने के करीब 24 घंटे बाद भी ग्राउंड जीरो पर राहत और बचाव अभियान जारी है. रविवार को हुए इस दर्दनाक हादसे के बाद सोमवार को भी एनडीआरएफ, दिल्ली फायर सर्विस, दिल्ली पुलिस और अन्य एजेंसियां मलबे में फंसे लोगों की तलाश में जुटी हुई हैं. इस दर्दनाक हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 12 लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया है. घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है.
राहत एजेंसियां लगातार मलबा हटाकर यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं अभी भी कोई व्यक्ति मलबे के नीचे तो नहीं फंसा है. मलबे के आसपास सुरक्षा घेरा बनाया गया है और आम लोगों की आवाजाही पर रोक लगाई गई है. पुलिस और अन्य एजेंसियां लगातार मौके पर मौजूद हैं. 7 लोगों की मौत के बाद इलाके में मातम पसरा हुआ है, जबकि घायलों का अस्पतालों में इलाज चल रहा है और रेस्क्यू टीमें हर संभावित जगह पर तलाश कर रही हैं.



