
रुद्रपुर। नगर पंचायत केलाखेड़ा में वर्ष 2015 से स्थायी रूप से पर्यावरण मित्र के पद पर कार्यरत नरेश कुमार पर फर्जी मार्कशीट और कथित रूप से दो अलग-अलग जन्म प्रमाणपत्रों के आधार पर नौकरी हासिल करने का आरोप लगाया गया है। मामले में जिलाधिकारी उधम सिंह नगर को ज्ञापन सौंपकर आरोपी कर्मचारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने तथा सेवा से बर्खास्त करने की मांग की गई है।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि नियुक्ति के समय नरेश कुमार ने अपनी जन्मतिथि 15 अक्टूबर 1994 दर्शाई, जबकि उनकी वास्तविक जन्मतिथि 5 जून 1987 बताई जा रही है। इस संबंध में वर्ष 2022 में प्रशासन को लिखित शिकायत दी गई थी, लेकिन लंबे समय तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
बताया गया कि लगातार शिकायतों के बाद वर्ष 2025 में जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित जांच समिति ने जांच के दौरान नरेश कुमार के पास दो जन्म प्रमाणपत्र होने की पुष्टि की। इसके बावजूद अब तक संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं किए जाने का आरोप लगाया गया है।
इसी मांग को लेकर एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर जांच रिपोर्ट के आधार पर आरोपी कर्मचारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और सेवा से बर्खास्त करने की मांग की। साथ ही नगर पंचायत केलाखेड़ा के अधिशासी अधिकारी (ईओ) एवं अन्य संबंधित अधिकारियों पर भी कार्रवाई में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया गया।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने का दावा करती है, लेकिन जांच में तथ्य सामने आने के बावजूद कार्रवाई न होना गंभीर सवाल खड़े करता है।



