उत्तराखंड के राजेंद्र जीना को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, निचली अदालत का आदेश रद्द, पार्षदी बहाल

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सुप्रीम कोर्ट ने डिस्ट्रिक्ट जज का आदेश रद्द करते हुए हल्द्वानी के राजेंद्र जीना को पार्षद के तौर पर बहाल किया
नई दिल्ली/नैनीताल: उत्तराखंड के नैनीताल जिले के हल्द्वानी नगर निगम के वार्ड नंबर 9 के पार्षद राजेंद्र जीना को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति पामिडीघंटम श्री नरसिम्हा और न्यायमूर्ति आलोक अराधे की पीठ ने 22 सितंबर 2026 को सुनवाई के दौरान जिला न्यायाधीश नैनीताल के उस आदेश पर रोक लगा दी है जिसमें शिकायत कर्ता गिरीश नैनवाल की याचिका की सुनवाई के बाद राजेंद्र जीना की सदस्यता रद्द कर वार्ड की सीट को रिक्त घोषित किया गया था. सुप्रीम कोर्ट ने शिकायत कर्ता व अन्य को नोटिस जारी करते हुए अगली सुनवाई संभावित रूप से 6 नवंबर 2026 को तय की है.
जिला न्यायाधीश नैनीताल ने गिरीश नैनवाल की याचिका पर 20 जून 2026 को राजेंद्र जीना की सदस्यता रद्द कर वार्ड की सीट को रिक्त घोषित किया गया था. लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी राहत देते हुए अंतरिम रूप से राजेंद्र जीना की पार्षदी बहाल कर दी है. सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद राजेंद्र फिलहाल वार्ड नंबर 9 के पार्षद पद पर बने रहेंगे.
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने निर्वाचन आयोग, जिला निर्वाचन अधिकारी, नगर निकाय के संबंधित अधिकारी और शिकायतकर्ता गिरीश नैनवाल को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है.
​यह विवाद नामांकन पत्र में कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान दर्ज कुछ मामलों की जानकारी न देने से जुड़ा है, जिसे शिकायतकर्ता ने एक महत्वपूर्ण तथ्य छिपाना बताया था. वहीं राजेंद्र जीना का तर्क था कि सरकार ने कोविड से जुड़े छोटे मामलों को वापस लेने का शासनादेश जारी किया था और समन की जानकारी न होने के कारण इनका उल्लेख नहीं हो सका. इससे पहले हाईकोर्ट ने सीमित राहत देते हुए चुनाव प्रक्रिया को अपील के फैसले के अधीन रखा था, जिसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी.
डायरेक्टर के पदों को डेपुटेशन से भरने पर सुनवाई: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने वीर माधो सिंह भंडारी तकनीकी विश्वविद्यालय के पांचों कैम्पस में डायरेक्टर के पदों को सीधी भर्ती से न भरकर डेपुटेशन के माध्यम से भरे जाने को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की. मामले की सुनवाई के बाद मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने अगली सुनवाई हेतु पांच अक्टूबर की तिथि नियत की है.
कोर्ट ने ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन एआईसीटीई से पूछा है कि जब यह पद नियमों के अनुसार सीधी भर्ती से भरे जाने का प्रावधान है तो अब इसे डेपुटेशन के माध्यम से कैसे भरे जा रहे हैं? आने वाली तिथि को स्थिति से अवगत कराएं.