फर्जी अवकाश आदेश वायरल, डीएम ने लिया एक्शन, एसएसपी को कार्रवाई के निर्देश

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रुद्रपुर: उधम सिंह नगर में विद्यालयों में अवकाश को लेकर सोशल मीडिया पर फर्जी आदेश वायरल होने का मामला सामने आया है. सरकारी आदेश में कथित तौर पर छेड़छाड़ कर उसे दोबारा प्रसारित किया गया, जिससे अभिभावकों और विद्यार्थियों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो गई. मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं.
उधम सिंह नगर में विद्यालयों के अवकाश को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल किए गए फर्जी आदेश ने जिला प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है. सरकारी आदेश में कथित तौर पर छेड़छाड़ कर उसे नए आदेश के रूप में वायरल किए जाने के बाद जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने मामले का तत्काल संज्ञान लिया है. उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को पत्र भेजकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और फर्जी आदेश तैयार कर उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित करने वाले अज्ञात व्यक्तियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं.
जिलाधिकारी कार्यालय से 22 जुलाई 2026 को जारी पत्र के अनुसार, भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) देहरादून द्वारा जारी मौसम पूर्वानुमान को देखते हुए जिला प्रशासन ने 19 जुलाई 2026 को एक आधिकारिक आदेश जारी किया था. इस आदेश के तहत जिले के सभी राजकीय, परिषदीय, सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में नर्सरी से कक्षा 12 तक के विद्यार्थियों के लिए 20 जुलाई 2026 को एक दिन का अवकाश घोषित किया गया था. यह आदेश संभावित खराब मौसम और विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जारी किया गया था.
प्रशासन के अनुसार, इसी मूल आदेश के साथ किसी अज्ञात व्यक्ति ने डिजिटल रूप से छेड़छाड़ की. आदेश संख्या और तिथि में बदलाव करते हुए इसे इस प्रकार तैयार किया गया कि 21 जुलाई 2026 को भी विद्यालयों में अवकाश घोषित होने का भ्रम पैदा हो. इसके बाद इस फर्जी आदेश को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और अन्य माध्यमों से तेजी से वायरल कर दिया गया. देखते ही देखते यह संदेश बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंच गया, जिससे अभिभावकों, विद्यार्थियों और विद्यालय प्रबंधन के बीच असमंजस की स्थिति बन गई.
जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने अपने पत्र में स्पष्ट कहा है कि किसी सरकारी दस्तावेज या आदेश में छेड़छाड़ कर उसे सार्वजनिक करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है. ऐसी हरकत न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि इससे सरकारी व्यवस्था और आम जनता के बीच भ्रम की स्थिति भी उत्पन्न होती है. उन्होंने एसएसपी को निर्देश दिए हैं कि साइबर माध्यमों सहित सभी पहलुओं की गहन जांच कर दोषियों की पहचान की जाए और उनके खिलाफ प्रचलित कानूनों के तहत आवश्यक कार्रवाई की जाए.
प्रशासन का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इस तरह की फर्जी सूचनाओं का प्रसार समाज में अफवाह फैलाने और प्रशासनिक व्यवस्था को प्रभावित करने का प्रयास है. इसलिए ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई आवश्यक है, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति सरकारी आदेशों के साथ छेड़छाड़ कर जनता को गुमराह करने का साहस न कर सके.
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से भी विशेष अपील की है कि किसी भी सरकारी आदेश, सूचना या अवकाश संबंधी संदेश पर विश्वास करने से पहले उसकी आधिकारिक पुष्टि अवश्य करें. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि केवल जिला प्रशासन, सूचना विभाग और संबंधित विभागों के आधिकारिक माध्यमों से जारी आदेश ही मान्य होंगे. सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले अपुष्ट, संदिग्ध या बिना स्रोत वाले संदेशों को आगे साझा करने से बचना चाहिए. प्रशासन का कहना है कि जागरूकता और सतर्कता के माध्यम से ही अफवाहों पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है और समाज में अनावश्यक भ्रम की स्थिति से बचा जा सकता है.