
जसपुर: गैर-जमानती वारंट की तामील करने पहुंची पुलिस टीम पर वारंटी को छुड़ाने के प्रयास में लाठी-डंडों और पाठल से जानलेवा हमला किए जाने का मामला सामने आया है। घटना में पुलिस टीम पर मारपीट और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में सास-बहू को गिरफ्तार किया गया है, जबकि मुख्य आरोपी सुखविंदर सिंह समेत 5 अन्य आरोपी फरार बताए जा रहे हैं।
पुलिस के अनुसार, माननीय न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट जसपुर द्वारा एफआईआर संख्या 508/2023, केस क्राइम नंबर 494/2024 धारा 60 आबकारी अधिनियम के तहत अभियुक्त सुखविंदर सिंह पुत्र बिशन सिंह निवासी भोगपुर डाम नंबर-2 जसपुर के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था।
दिनांक 15 मई 2026 को मुखबिर की सूचना पर उपनिरीक्षक गोविंद सिंह मेहता और कांस्टेबल सुभाष डुंगरियाल वारंट की तामील हेतु सुखविंदर सिंह के घर पहुंचे। पुलिस टीम ने रात करीब 9 बजे उसे घर के आंगन से हिरासत में ले लिया।
इसी दौरान आरोपी सुखविंदर ने शोर मचाकर अपने परिजनों को बुला लिया। आरोप है कि उसकी मां शीलो कौर, पत्नी मंजीत कौर, भाई मंगत सिंह, चचेरे भाई संदीप सिंह, राजू सिंह और जगपाल सिंह उर्फ जस्सा मौके पर पहुंच गए और पुलिस टीम को घेर लिया।
पुलिस का आरोप है कि आरोपियों ने पुलिसकर्मियों के साथ गाली-गलौज करते हुए वारंटी को छोड़ने का दबाव बनाया। इसी बीच शीलो कौर ने उपनिरीक्षक के हाथ से वारंट छीनने की कोशिश की, जिससे वारंट का कुछ हिस्सा फट गया। इसके बाद सभी आरोपियों ने एकजुट होकर पुलिस टीम पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया।
बताया गया कि आरोपी संदीप सिंह ने पाठल से पुलिस टीम पर जानलेवा हमला भी किया, जिससे पुलिसकर्मियों ने किसी तरह खुद को बचाया। पुलिस का कहना है कि यदि समय रहते बचाव नहीं किया जाता तो गंभीर घटना हो सकती थी।
घटना का संज्ञान लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक उधमसिंहनगर के निर्देश पर कोतवाली जसपुर में एफआईआर नंबर 186/2026 के तहत बीएनएस की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
दो महिला आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले में दो महिला आरोपियों को गिरफ्तार किया है—
शीलो कौर पत्नी स्व. बिशन सिंह
मंजीत कौर पत्नी सुखविंदर सिंह
5 आरोपी अब भी फरार
फरार आरोपियों में—
सुखविंदर सिंह
मंगत सिंह
संदीप सिंह
राजू सिंह
जगपाल सिंह उर्फ जस्सा
शामिल हैं। पुलिस ने सभी की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित कर दी है और तलाश जारी है।
साथ ही पुलिस ने सोशल मीडिया पर बिना तथ्य और भ्रामक जानकारी पोस्ट कर पुलिस की छवि धूमिल करने वालों को भी चेतावनी दी है।



