
रुद्रपुर। किच्छा में 18 वर्षीय युवती को सरताज नामक युवक द्वारा अपने साथ ले जाने का मामला सामने आने के बाद महापौर विकास शर्मा ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है। मामले को ‘लव जिहाद’ बताते हुए महापौर ने कहा कि युवती को हर हाल में खोजकर वापस लाया जाएगा और इस पूरे प्रकरण में शामिल लोगों की भूमिका की भी तह तक जाकर जांच कराई जाएगी। उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति से मामले को लेकर वार्ता की है और दो टूक कहा है कि आरोपी चाहे कहीं भी छिपा हो, उसे खोजकर कानून के शिकंजे में पहुंचाया जाएगा।
महापौर विकास शर्मा ने कहा कि वह अपने संबोधनों में लगातार लव जिहाद के खतरे की बात करते रहे हैं। कुछ लोग इसे भाजपा की राजनीतिक बात मानते हैं, लेकिन समय-समय पर सामने आने वाली ऐसी घटनाएं समाज को झकझोर देती हैं। उन्होंने कहा कि किच्छा की यह घटना भी बेहद गंभीर है और इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता।
महापौर ने कहा कि 18 वर्षीय युवती के मामले में जो जानकारी उनके सामने आई है, उसके मुताबिक नई बस्ती शेरगढ़िया निवासी सरताज काफी समय से उसके आगे-पीछे घूम रहा था। जब युवती के परिजनों को इसकी जानकारी हुई थी, तब मामला परिवार तक भी पहुंचा था। विकास शर्मा ने कहा युवती की मां ने उन्हें बताया कि युवक की ओर से उसे अंगूठी और ताबीज दिया गया तथा कुछ खाने-पीने की वस्तुएं भी दी गईं। उन्होंने कहा कि इन सभी पहलुओं की पुलिस से गहराई से जांच कराने को कहा गया है।
विकास शर्मा ने कहा कि सबसे गंभीर बात यह है कि संबंधित परिवार को लेकर भी उनके सामने ऐसी जानकारियां आई हैं, जिनकी जांच आवश्यक है। उन्होंने दावा किया कि युवक के बड़े भाई के संबंध में भी पहले हिंदू युवतियों से रिश्तों की जानकारी सामने आई है। उन्होंने कहा यदि एक ही परिवार से बार-बार इस तरह के मामले जुड़े सामने आ रहे हैं तो इसे संयोग मानकर नहीं छोड़ा जा सकता। इसकी पूरी कुंडली खंगाली जाएगी कि इसके पीछे कौन लोग हैं, कौन मदद कर रहा है और इसकी जड़ें कहां तक हैं।
महापौर ने कहा कि युवती की मां की पीड़ा देखकर कोई भी संवेदनशील व्यक्ति विचलित हो सकता है। एक मां ने अपनी बेटी को पाल-पोसकर बड़ा किया, उसके भविष्य के सपने देखे और आज वही मां अपनी बेटी के लिए परेशान है। उन्होंने कहा कि बेटी को वापस लाना और परिवार को न्याय दिलाना उनकी प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा सरताज ने अगर यह सोच लिया है कि वह बेटी को लेकर कहीं छिप जाएगा और बच जाएगा तो यह उसकी गलतफहमी है। उसे पाताल से भी खोजकर लाना पड़ा तो लाएंगे। ऐसे मामलों में जो भी कानून के तहत दोषी पाया जाएगा, उसकी जगह जेल में होगी।
महापौर ने मामले में आरोपी के सहयोगियों को भी कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि सिर्फ सरताज ही नहीं, बल्कि जिसने भी उसे संरक्षण दिया, सहयोग किया या इस पूरे घटनाक्रम में भूमिका निभाई, उसकी भी जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि पूरे परिवार और संपर्कों की कुंडली खंगालकर यह पता लगाया जाना चाहिए कि कहीं इसके पीछे कोई सुनियोजित नेटवर्क तो काम नहीं कर रहा है।
विकास शर्मा ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में एसएसपी अजय गणपति से सीधे वार्ता की है। एसएसपी ने उन्हें मामले में कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। महापौर ने कहा हम पुलिस की कार्रवाई देख रहे हैं। अगर कार्रवाई में देरी हुई तो जरूरत पड़ी तो हम स्वयं उनके घर तक जाएंगे। बेटी को न्याय दिलाए बिना हम पीछे हटने वाले नहीं हैं।
महापौर ने अपने बयान में बुलडोजर कार्रवाई की भी चेतावनी दी। उन्होंने कहा चाहे आरोपी को पाताल से खोजना पड़े या कानून के दायरे में उसके अवैध निर्माण पर धामी सरकार का बुलडोजर चलाना पड़े, दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार है और महिलाओं-बेटियों के साथ इस तरह की घटनाओं को किसी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा। विकास शर्मा ने कहा कि वह इस पूरे मामले पर लगातार नजर रखेंगे और पुलिस प्रशासन से संपर्क में रहेंगे। उन्होंने कहा कि युवती को सुरक्षित वापस लाने के साथ ही घटना में शामिल प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका सामने आनी चाहिए और कानून के मुताबिक कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।



