स्कूटी में छिपा बैठा था कोबरा, देखते ही लोगों के उड़े होश, बमुश्किल किया रेस्क्यू

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हरिद्वार: वन विभाग हरिद्वार की टीम ने एक स्कूटी के अंदर घुसकर बैठे कोबरा सांप का रेस्क्यू किया है. यहां जगजीतपुर क्षेत्र की वाईपीएस कॉलोनी में एक घर में खड़ी स्कूटी में कोबरा डेरा जमाए हुए था. सुबह के वक्त जैसे ही स्कूटी मलिक ने स्कूटी को बाहर निकाला और कोबरा को देखा तो उसके होश उड़ गए. आनन फानन में वन विभाग को इसकी सूचना दी गई. साथ ही स्कूटी को खोलने के लिए मैकेनिक को भी बुलाया गया. स्कूटी के सभी पार्ट्स खोलने के बाद हेडलाइट के अंदर छिप कर बैठे एक कोबरा सांप को वनकर्मी ने बड़ी मशक्कत से रेस्क्यू किया और उसे बॉक्स में बंद कर सुरक्षित स्थान पर छोड़ दिया. वहीं कोबरा सांप जहरीली नस्ल का सांप होता है इसके काटने से ज्यादातर मामलों में इंसान की मौत हो जाती है.
गौर हो कि तापमान बढ़ने के साथ ही वन्यजीव जंगल से निकलकर आबादी में घुस रहे हैं. तीन दिन पहले सराय क्षेत्र में भी एक घर में सेफ्टी टैंक से 27 कीलबैक प्रजाति के सांप निकले थे. उससे पूर्व भेल क्षेत्र में बड़े अजगर और गुलदार का रेस्क्यू किया गया था. वहीं सुबह सूचना मिली कि जगजीतपुर क्षेत्र की वीआईपी कॉलोनी में एक स्कूटी में कोबरा छिपा बैठा है. सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची.
टीम ने देखा कि स्कूटी में खतरनाक प्रजाति का कोबरा सांप बैठा है. पहले तो वनकर्मियो ने कोबरा को बाहर निकलने का प्रयास किया, लेकिन कोबरा स्कूटी के अंदर ही अंदर हेडलाइट तक पहुंच गया. वनकर्मियों को सांप को बाहर निकलने में दिक्कत आ रही थी. इसलिए बाइक मैकेनिक को बुलाया गया. मैकेनिक ने पहले स्कूटी का पिछला हिस्सा खोला लेकिन कोबरा नहीं मिला. उसके बाद हैडलाइट को खोला गया. हैडलाइट खोलकर स्टिक के जरिए कोबरा को बाहर निकाला गया. कोबरा सांप को बाहर निकालकर उसे प्लास्टिक के बॉक्स में भरकर सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया गया.
गनीमत रही कि वक्त रहते स्कूटी मालिक की नजर कोबरा सांप पर पड़ गई, वरना अनहोनी से इनकार नहीं किया जा सकता. रेंज अधिकारी शीशपाल सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सांप को रेस्क्यू कर जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया गया. उन्होंने आमजन से अपील की है कि मानसून सीजन में वन्यजीवों को लेकर सावधानी बरतें. जहां कहीं भी आबादी में वन्यजीव दिखाई दें, तत्काल वन विभाग की टीम को सूचना दी जाए. ताकि उन्हें सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया जाए.