
कॉकक्रोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके के भूख हड़ताल खत्म कराने में देहरादून के राजेश मल्ल ने निभाई अहम भूमिका, जानिए कौन हैं राजेश
दिल्ली/देहरादून: देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली आज युवाओं के संसद कूच की वजह से सुर्खियों में रहा. कहीं युवाओं पर लाठीचार्ज हुआ तो कहीं पर उन्हें रोकने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए, लेकिन युवा लगातार पुलिस और सुरक्षा कर्मियों से उलझते हुए आगे बढ़ते गए. हालांकि, उन्हें संसद भवन जाने से रोक दिया गया. इसी बीच कॉकक्रोच जनता पार्टी से जुड़े डेलिगेशन ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से भी मुलाकात अपनी मांग रखी.
उधर, पुलिस ने भी जंतर मंतर पर स्थित धरनास्थल को खाली करा दिया, लेकिन उससे पहले भूख हड़ताल पर बैठे कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके का अनशन भी तुड़वाया गया. ऐसे में जान लेते हैं कि आखिर किसने उनका भूख हड़ताल खत्म कराया? अभिजीत की भूख हड़ताल को खत्म करवाने वाले कोई और नहीं, बल्कि नीट पेपर लीक की वजह से अपनी बेटी को खोने वाले एक पिता थे.
जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का आंदोलन: बता दें कि इससे पहले शिक्षा व्यवस्था में सुधार, पेपर लीक मामलों में कार्रवाई, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और छात्रों की आत्महत्याओं के मुद्दे पर जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का आंदोलन चल रहा था. जिसमें कई दिनों तक भूख हड़ताल पर बैठे क्लाइमेंट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को पुलिस ने उठाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती करा दिया था.
दो दिन से भूख हड़ताल पर बैठ थे अभिजीत दिपके: हालांकि, उनके साथ कुछ युवा भी भूख हड़ताल पर बैठे थे, लेकिन सोनम वांगचुक को धरनास्थल से स्वास्थ्य से जुड़ी चिताओं का हवाला देते हुए जबरन उठाने के बाद सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके भी भूख हड़ताल पर बैठ गए. उन्होंने यह हड़ताल दो दिन पहले ही शुरू की थी. जबकि, 20 जुलाई को सुबह 9 बजे संसद कूच प्रस्तावित था.
अभिजीत दिपके के भूख हड़ताल खत्म कराने में राजेश मल्ल का योगदान: ऐसे में अभिजीत दिपके जहां एक ओर भूख हड़ताल पर थे, तो दूसरी ओर से युवाओं का जमावड़ा जंतर मंतर समेत अन्य जगहों पर लगना शुरू हो गया था. अभिजीत दिपके से भूख हड़ताल समाप्त करने की कई लोगों ने अपील भी की, लेकिन वो डटे रहे. इसी बीच संसद कूच से पहले दिपके ने अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी. उनके भूख हड़ताल खत्म कराने में उत्तराखंड से ताल्लुक रखने वाले राजेश मल्ल का योगदान रहा.
कारगिल युद्ध के योद्धा रह चुके हैं राजेश मल्ल: राजेश मल्ल वही शख्स हैं, जिनकी 23 साल की बेटी रिया कुमारी थापा ने नीट पेपर लीक से आहत होकर आत्महत्या कर ली थी. उन्होंने ही अभिजीत दिपके को भूख हड़ताल खत्म करने के लिए मनाया. ताकि, वे संसद कूच का नेतृत्व कर सकें. राजेश मल्ल कारगिल युद्ध (1999) के योद्धा रह चुके हैं. अभी वे पूर्व सैनिक हैं. जो देहरादून के चंद्रबनी इलाके में रहते हैं. जबकि, उनकी पत्नी गृहिणी हैं.
नीट पेपर लीक से आहत होकर रिया ने दी थी जान: राजेश मल्ल की बेटी रिया थापा नीट (NEET) की तैयारी कर रही थीं. वो पढ़ाई में काफी होनहार थी. जो 12वीं में 97.6% अंक लाकर टॉपर रही थीं. जिसने 12वीं के बाद मेडिकल की तैयारी शुरू की थी. राजेश मल्ल की मानें तो नीट यूजी का पहला एग्जाम काफी अच्छा गया था. जिसे लेकर वो काफी खुश भी थी, लेकिन अचानक नीट पेपर लीक की खबर सुनकर आहत हो गई और री-नीट परीक्षा की तैयारी करने के दौरान ही उसने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली थी.



