
रुद्रपुर। वार्ड संख्या-25 के अंतर्गत संपूर्ण फाजलपुर महारौला क्षेत्र को सीलिंग के दायरे में शामिल किए जाने से उत्पन्न समस्याओं के समाधान की दिशा में जिला प्रशासन ने पहल शुरू कर दी है। जिलाधिकारी के निर्देश पर अधिकारियों की संयुक्त टीम ने शुक्रवार को क्षेत्र का दौरा कर प्रभावित लोगों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने अधिकारियों के समक्ष क्षेत्रवासियों की परेशानियां रखते हुए शीघ्र समाधान की मांग की।
गौरतलब है कि कुछ दिन पूर्व पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने दर्जनों क्षेत्रवासियों के साथ जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया से मुलाकात कर सीलिंग के कारण उत्पन्न स्थिति से अवगत कराया था। उन्होंने क्षेत्रवासियों को राहत प्रदान करने की मांग की थी, जिसके बाद जिलाधिकारी ने अधिकारियों की टीम को मौके पर निरीक्षण के लिए भेजा।
निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी (नजूल) पंकज उपाध्याय, उपजिलाधिकारी मनीष बिष्ट, नगर आयुक्त शिप्रा जोशी, विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता राजीव चक्रवर्ती, के.के. पंत सहित अन्य अधिकारी फाजलपुर स्थित लोक विहार कॉलोनी पहुंचे और स्थानीय नागरिकों से संवाद किया।
पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने अधिकारियों को बताया कि तराई विहार, प्रीत विहार, प्रीत विहार फेज-5, लोक विहार, बराड़ नगर, अपना एन्क्लेव और अपना एन्क्लेव फेज-2 समेत कई कॉलोनियों के निवासी लंबे समय से सीलिंग संबंधी प्रतिबंधों के कारण गंभीर परेशानियों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भूमि और भवनों की खरीद-फरोख्त, रजिस्ट्री तथा दाखिल-खारिज जैसी प्रक्रियाएं प्रभावित हैं। इसके साथ ही नए बिजली और पानी के कनेक्शन नहीं मिल पाने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति से क्षेत्र का विकास प्रभावित हुआ है और लोग मानसिक तनाव झेल रहे हैं।
स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनने के बाद अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय ने बताया कि मामला वर्तमान में उच्च न्यायालय में विचाराधीन है तथा न्यायालय द्वारा स्थगनादेश भी जारी है। उन्होंने कहा कि शासन स्तर पर संबंधित अधिकारियों से वार्ता की जाएगी और न्याय विभाग से विधिक राय प्राप्त कर नियमानुसार क्षेत्रवासियों को राहत देने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
निरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे और उन्होंने प्रशासन के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं। प्रशासन ने सभी बिंदुओं पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया।



