
झारखंड सरकार देगी 2 लाख की सम्मान राशि; दीपक बोले- “निजी हित नहीं, समाज सेवा है प्राथमिकता”
कोटद्वार/पौड़ी गढ़वाल: उत्तराखंड के कोटद्वार में एक बुजुर्ग दुकानदार की ढाल बनकर रातों-रात सुर्खियों में आए जिम ट्रेनर दीपक कुमार उर्फ ‘मोहम्मद दीपक’ ने एक बार फिर अपनी दरियादिली से सबका दिल जीत लिया है। दीपक ने घोषणा की है कि उन्हें मिलने वाली तमाम सहायता राशि और पुरस्कारों का एक-एक पैसा वे उत्तराखंड की बेटी स्व. अंकिता भंडारी के न्याय की लड़ाई लड़ रहे परिवार और अन्य गरीब असहायों की मदद में खर्च करेंगे।
साहस की गूंज: जब ‘दीपक’ ने थामी बुजुर्ग की ढाल
बीते दिनों कोटद्वार में एक विशेष समुदाय के बुजुर्ग दुकानदार के प्रतिष्ठान का नाम बदलने को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ था। कुछ संगठनों के दबाव के बीच दीपक कुमार डटकर खड़े हो गए और खुद को ‘मोहम्मद दीपक’ बताते हुए बुजुर्ग का साथ दिया। उनके इस साहसिक कदम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद वे राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गए।
झारखंड सरकार की ओर से 2 लाख की मदद
दीपक के इस जज्बे को देखते हुए झारखंड सरकार के एक मंत्री ने उन्हें 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए दीपक ने कहा, “मुझे सोशल मीडिया से इस घोषणा की जानकारी मिली है। मैं झारखंड सरकार का आभार व्यक्त करता हूँ, लेकिन यह पैसा मेरा नहीं, समाज का है। इसे अंकिता भंडारी के परिवार और जरूरतमंदों को समर्पित किया जाएगा।”
“मेरा मकसद सिर्फ उस बुजुर्ग की गरिमा बचाना था। जो प्यार और सम्मान देशवासियों से मिल रहा है, वही मेरी असली पूंजी है। मिलने वाली सहायता राशि का उपयोग अंकिता भंडारी के न्याय और गरीबों की सेवा में होगा।” > — दीपक कुमार (जिम ट्रेनर)
राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में ‘दीपक’
दीपक के साहस की सराहना की गूंज अब दिल्ली के गलियारों तक पहुँच गई है।
राहुल गांधी (नेता प्रतिपक्ष) से लेकर सांसद इमरान प्रतापगढ़ी और AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी तक ने उनके जज्बे को सलाम किया है।
हालांकि, इस मुद्दे को लेकर उत्तराखंड की सियासत में भी सरगर्मी तेज हो गई है और पक्ष-विपक्ष के बीच जुबानी जंग जारी है।



