
देहरादून: उत्तराखंड में चल रहे एसआईआर अभियान अंतिम चरण में है. दरअसल, राज्य में 8 जून से एसआईआर अभियान शुरू हुआ था, जो 7 जुलाई को पूरा होगा. खास बात यह है कि प्रदेश में करीब 88.99 फीसदी गणना फॉर्म को डिजिटल किया जा चुका है. जहां एक ओर इन सभी डाटा को दुरुस्त कर फाइनल आंकड़ा तैयार किया जाएगा. वहीं, दूसरी ओर पोलिंग बूथ की मैपिंग फिर से की जाएगी, ताकि मतदाताओं के आधार पर पोलिंग बूथों का निर्धारण किया जा सके. इसके साथ ही 14 जुलाई को मतदाता सूची का ड्राफ्ट पब्लिश किया जाएगा.
उत्तराखंड राज्य में कुल 79,60,762 मतदाता हैं. प्रदेश में चल रहे एसआईआर के दौरान इन सभी मतदाताओं को गणना फार्म वितरित किया जा चुका है. वहीं 70,83,915 गणना फॉर्म को डिजिटल किया जा चुका है. खास बात यह है कि प्रदेश के 13 जिलों में से 4 जिले ऐसे हैं, जहां पर एसआईआर अभियान लगभग पूरा हो चुका है. लेकिन इन जिलों में अभी भी बड़ी संख्या में एएसडी मतदाता चिन्हित हैं, जिनको ढूंढा जा रहा है. इनमें अल्मोड़ा, बागेश्वर, चंपावत और पिथौरागढ़ जिला शामिल है. ऐसे में अब इन जिलों में पोलिंग बूथ के पुनर्गठन की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है.
दरअसल, 7 जुलाई तक प्रदेश भर में एसआईआर की प्रक्रिया संपन्न करने के साथ ही पोलिंग बूथों का पुनर्गठन भी की जानी है. प्रदेश में चल रहे एसआईआर के दौरान अनुपस्थित, स्थानांतरित और मृत यानी एएसडी में दर्ज मतदाताओं की सूची एक चुनौती बनी हुई है. क्योंकि प्रदेश में एएसडी श्रेणी में 8,32,834 मतदाता दर्ज हैं. जिसके चलते मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से एक बार फिर बूथ स्तर पर इसकी समीक्षा कराने का निर्णय लिया गया है. इसके साथ ही निर्वाचन के अधिकारियों को निर्देश दिए कि दोनों मंडल में मंडलायुक्त जिलों की फील्ड विजिट कर ऐसे पोलिंग बूथ का भ्रमण करें जहां अन कलेक्टेबल श्रेणी में मार्क मतदाताओं की संख्या अधिक है.
प्रदेश के जिन जिलों में एएसडी श्रेणी में मतदाता पाए गए हैं. जिसमें एब्सेंट, शिफ्टेड, डेथ और डब्लिकेट मतदाता चिन्हित होते हैं, तो उसका फिर से परीक्षण करने के निर्देश रोल ऑब्जर्वर और ईआरओ को दिए गए हैं. अभी 7 जुलाई तक का समय है ऐसे में निर्देश दिए गए हैं कि बीएलओ और बीएलए के साथ बातचीत करते हुए इसका दोबारा से परीक्षण कर लिया जाए. ऐसे में अगर कोई छूटा हुआ व्यक्ति अपना दोबारा फॉर्म भरने में सफल हो जाता है तो उसके फार्म को भी डिजिटलाइज्ड किया जाए.
-विजय कुमार जोगदंडे, अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखंड-
बूथ लेवल अधिकारी, ऐब्सेंट, शिफ्टेड और डेथ सूची में शामिल मतदाताओं के गणना फार्म पर जरूरी जानकारी जरूर अंकित करें. ताकि पात्र मतदाताओं का नाम सूची से ना काटे और अपात्र के साथ ही दोहराव वाले नाम समय रहते हटाये जा सके. मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, उत्तराखंड में कुल 79,60,762 मतदाता हैं. जिसमें से 79,60,530 मतदाताओं को गणना फार्म वितरित किया जा चुका है. वितरित गणना फार्म में से 70,83,915 गणना फॉर्म को डिजिटलाइज किया जा चुका है. वहीं 8,32,834 मतदाता ऐसे हैं, जिनको एएसडी श्रेणी में रखा गया है. यानी ये ऐसे मतदाता हैं, जो अनुपस्थित, स्थानांतरित और मृत हैं, जिनकी जानकारी को एकत्र किया जा रहा है.
खासबात ये है कि एएसडी श्रेणी में रखें गए मतदाताओं की संख्या सबसे अधिक उधमसिंह नगर, देहरादून और हरिद्वार जिले में हैं. यही वजह है की मुख्य निर्वाचन अधिकारी की ओर से लगातार इन तीन जिलों पर विशेष फोकस किया जा रहा है. उत्तराखंड में 8 जून से एसआईआर की प्रक्रिया शुरू हुई है जो 7 जुलाई तक चलेगी. ऐसे में 7 जुलाई को एसआईआर की प्रक्रिया संपन्न होने और पोलिंग बूथ का पुनर्गठन होने के साथ ही मतदाताओं के फाइनल आंकड़े को कंपाइल करते हुए 14 जुलाई को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी किया जाएगा. इसके बाद 14 जुलाई से 13 अगस्त तक दावे और आपत्तियों का निस्तारण के लिए एक महीने का समय रहेगा. इसी दौरान 14 जुलाई से 11 सितंबर 2026 तक सभी नोटिस जारी कर दावे आपत्तियों का भी निस्तारण किया जाएगा.
इसके बाद 15 सितंबर 2026 फाइनल मतदाता सूची जारी की जाएगी. 14 जुलाई से शुरू होने वाले दावे और आपत्तियों के निस्तारण के लिए कार्ययोजना भी तैयार की गई है. इसके लिए प्रदेश में 70 ईआरओ के साथ ही 800 एईआरओ की भी तैनाती की गई है. नोटिस फेज के दौरान किसी भी मतदाता को परेशानियों का सामना न करना पड़े इसके लिए जिलों में विशेष व्यवस्था भी की गई है. खासकर, पर्वतीय क्षेत्रों में दावे आपत्तियों के निस्तारण के लिए न्याय पंचायत स्तर पर कैंम्प लगाया जाएगा. इसी तरह मैदानी क्षेत्र के मतदाताओं की सुविधा के लिए तहसील के अलावा नगर निगम नगर पंचायत और वार्ड लेवल पर भी कैंप लगाए जाएंगे.
जिलेवार एएसडी श्रेणी में दर्ज मतदाताओं की स्थिति
अल्मोड़ा जिले में 56,145 मतदाता एएसडी श्रेणी में दर्ज है
बागेश्वर जिले में 13,186 मतदाता एएसडी श्रेणी में दर्ज है
चंपावत जिले में 17,936 मतदाता एएसडी श्रेणी में दर्ज है
पिथौरागढ़ जिले में 27,764 मतदाता एएसडी श्रेणी में दर्ज है
पौड़ी गढ़वाल जिले में 54,195 मतदाता एएसडी श्रेणी में दर्ज है
टिहरी गढ़वाल जिले में 44,254 मतदाता एएसडी श्रेणी में दर्ज है
चमोली जिले में 23,616 मतदाता एएसडी श्रेणी में दर्ज है
नैनीताल जिले में 72,245 मतदाता एएसडी श्रेणी में दर्ज है
उधमसिंह नगर जिले में 1,86,666 मतदाता एएसडी श्रेणी में दर्ज है
उत्तरकाशी जिले में 18,386 मतदाता एएसडी श्रेणी में दर्ज है
रुद्रप्रयाग जिले में 10,695 मतदाता एएसडी श्रेणी में दर्ज है
देहरादून जिले में 1,86,192 मतदाता एएसडी श्रेणी में दर्ज है
हरिद्वार जिले में 1,21,284 मतदाता एएसडी श्रेणी में दर्ज है


