
रुद्रपुर। आगामी रक्षाबंधन त्योहार को देखते हुए जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने रुद्रपुर में सघन निरीक्षण अभियान चलाया। जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया के निर्देशों के क्रम में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों, डेयरियों और मिठाई निर्माण स्थलों का निरीक्षण कर खाद्य पदार्थों के नमूने लिए।
अभियान के दौरान रुद्रपुर क्षेत्र के आवास विकास, नैनीताल रोड स्थित मिठाई प्रतिष्ठानों तथा अन्य खाद्य कारोबारियों का निरीक्षण किया गया। टीम ने 03 नमूने पनीर के, 01 नमूना दूध का, 01 नमूना पनीर का तथा 01 नमूना रसगुल्ले का लिया। इस तरह कुल 06 खाद्य नमूने जांच के लिए संकलित किए गए।
सभी नमूनों को परीक्षण के लिए राज्य खाद्य एवं औषधि प्रयोगशाला, रुद्रपुर भेजा जाएगा। जांच रिपोर्ट में खाद्य पदार्थ मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाने पर संबंधित खाद्य कारोबारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत खाद्य कारोबारियों के लिए गुणवत्ता और स्वच्छता मानकों का पालन अनिवार्य है।
गंदगी और बिना लाइसेंस कारोबार पर कार्रवाई
अभियान के दौरान आवास विकास स्थित मुख्य बाजार में निरीक्षण के दौरान एक मिठाई प्रतिष्ठान पर गंदगी पाए जाने तथा खाद्य पदार्थ खुले में रखे जाने पर कार्रवाई की गई। प्रतिष्ठान के पास एफएसएसएआई लाइसेंस/पंजीकरण नहीं पाए जाने पर चालानी कार्रवाई भी की गई।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने सभी खाद्य कारोबारियों को प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई रखने, खाद्य पदार्थों को ढककर रखने तथा खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश दिए। साथ ही कारोबारियों को संदिग्ध खाद्य पदार्थों की बिक्री से बचने और वैध लाइसेंस/पंजीकरण के साथ ही खाद्य कारोबार संचालित करने की हिदायत दी गई।
विभाग ने आम जनता से भी अपील की है कि खाद्य एवं पेय पदार्थ खरीदते समय उनकी गुणवत्ता, निर्माण तिथि, उपयोग की अंतिम तिथि तथा खाद्य कारोबारकर्ता का एफएसएसएआई लाइसेंस नंबर अवश्य देखें। उत्तराखंड में खाद्य संबंधी शिकायत के लिए FSSAI की ओर से टोल-फ्री नंबर 18001804246 उपलब्ध है।
अभियान में खाद्य सुरक्षा उपायुक्त कुमाऊं मंडल डॉ. राजेंद्र सिंह कठायत के नेतृत्व में सहायक आयुक्त (खाद्य सुरक्षा) ललित मोहन पांडे, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी काशीपुर आशा आर्या, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी रुद्रपुर अर्पणा साह सहित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल रहे।



