
रुद्रपुर। ऊधमसिंहनगर पुलिस ने ऑपरेशन प्रहार के तहत एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस के ₹1 लाख के इनामी गैंगस्टर योगेश मलिक उर्फ भदौरिया को गिरफ्तार किया है। आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, गैंगस्टर एक्ट सहित 46 से अधिक संगीन आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। गिरफ्तारी के दौरान उसके कब्जे से .315 बोर का एक अवैध तमंचा और तीन जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति के निर्देशन में जनपद में अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान ऑपरेशन प्रहार के तहत बुधवार को डायल-112 के माध्यम से सूचना मिली कि चैती मेला मार्ग पर एक संदिग्ध व्यक्ति घूम रहा है। सूचना मिलते ही कोतवाली आईटीआई पुलिस टीम मौके पर पहुंची और पुरानी चौकी चैती के पास स्थित खंडहर के निकट घेराबंदी कर संदिग्ध को दबोच लिया।
पूछताछ में गिरफ्तार व्यक्ति ने अपनी पहचान योगेश मलिक उर्फ भदौरिया (53 वर्ष), पुत्र भोपाल सिंह, निवासी ग्राम भदौड़ा, थाना रोहटा, जनपद मेरठ (उत्तर प्रदेश) के रूप में बताई। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से एक .315 बोर का तमंचा और तीन जिंदा कारतूस बरामद हुए, जिसके बाद पुलिस ने उसे आर्म्स एक्ट की धारा 3/25 के तहत गिरफ्तार कर लिया।
गहन पूछताछ और उत्तर प्रदेश पुलिस से समन्वय के दौरान खुलासा हुआ कि आरोपी उत्तर प्रदेश पुलिस का ₹1 लाख का घोषित इनामी गैंगस्टर है। थाना गंगोह, जनपद सहारनपुर पुलिस ने उस पर घोषित इनाम की पुष्टि की है। आरोपी थाना कंकरखेड़ा, मेरठ में गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे सहित कई मामलों में वांछित चल रहा था।
पुलिस के अनुसार, योगेश मलिक का आपराधिक इतिहास बेहद लंबा है। उसके खिलाफ मेरठ, बुलंदशहर, सहारनपुर, बागपत और गाजियाबाद सहित उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में 46 से अधिक संगीन मुकदमे दर्ज हैं। इनमें हत्या, हत्या का प्रयास, गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट, लूट, रंगदारी और अन्य गंभीर अपराध शामिल हैं।
पुलिस अब आरोपी के विस्तृत आपराधिक रिकॉर्ड का सत्यापन कर रही है तथा संबंधित राज्यों की पुलिस से समन्वय स्थापित कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक विक्रम राठौर, उपनिरीक्षक हरविंदर सिंह, हेड कांस्टेबल सिराज हुसैन, कांस्टेबल रमेश बंगयाल तथा पीआरडी जवान अनिल शामिल रहे।



